फाइज़र ने 27 अक्टूबर, 2026 को बताया कि उसके चरण 3 के एलरेक्सफियो परीक्षण ने मल्टीपल मायलोमा से पीड़ित उन मरीजों में प्रगति-मुक्त जीवित रहने की अवधि का प्राथमिक समापन बिंदु हासिल किया, जिनकी बीमारी दोबारा उभर आई थी या उपचार के प्रति प्रतिरोधी थी। प्रगति-मुक्त जीवित रहने की औसत अवधि अभी तक निर्धारित नहीं हो पाई थी।

मुख्य बातें

  • मैग्नेटिसएमएम-32 परीक्षण में इस रक्त कैंसर से पीड़ित 523 मरीज शामिल थे।
  • फाइज़र ने बताया कि कई प्रतिभागियों की बीमारी आगे नहीं बढ़ी थी।

एलरेक्सफियो परीक्षण ने प्राथमिक समापन बिंदु हासिल किया

मैग्नेटिसएमएम-32 अध्ययन में एलरेक्सफियो का मूल्यांकन किया गया, जिसे एलरानाटामैब के नाम से भी जाना जाता है। इसमें ऐसे मरीज शामिल थे जिनका मल्टीपल मायलोमा दोबारा उभर आया था या उपचार के प्रति प्रतिरोधी था।

प्रगति-मुक्त जीवित रहने की अवधि से पता चलता है कि मरीज अपनी बीमारी के बिगड़े बिना कितने समय तक जीवित रहते हैं। औसत अवधि का अभी तक निर्धारित न हो पाना यह दर्शाता है कि उपलब्ध अनुवर्ती जानकारी उस मध्य बिंदु को स्थापित करने के लिए पर्याप्त नहीं थी।

बताए गए नतीजों से जुड़े अनुत्तरित सवाल

उपलब्ध जानकारी में उपचार के प्रभाव का आकार, तुलना के लिए कोई विकल्प या सुरक्षा नतीजे निर्दिष्ट नहीं हैं। इससे नियामक प्राधिकरण के समक्ष आवेदन जमा करने की समय-सीमा भी स्थापित नहीं होती।

यह घोषणा फाइज़र की ऑन्कोलॉजी पाइपलाइन में एक और उपलब्धि जोड़ती है, जिसमें इब्रांस और एक्सटैंडी जैसी कैंसर उपचार दवाएं शामिल हैं।

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