26 अक्टूबर 2026 तक भारत के क्रूड बास्केट का औसत मूल्य 120.46 डॉलर प्रति बैरल रहा, जो सितंबर के 116.77 डॉलर से अधिक है और मार्च 2012 के बाद का सबसे ऊँचा मासिक औसत बनने की राह पर है। 26 अक्टूबर को दैनिक बास्केट मूल्य 123.72 डॉलर था।

मुख्य बातें

  • अक्टूबर का औसत मार्च 2012 में दर्ज 123.61 डॉलर के बाद सबसे ऊँचा था।
  • अप्रैल–सितंबर FY27 में भारत का शुद्ध तेल और गैस आयात बिल साल-दर-साल 35% बढ़कर 81.1 अरब डॉलर हो गया।
  • पश्चिम एशिया संघर्ष से तेल बाजार बाधित होने के कारण मालभाड़ा दरों और समुद्री बीमा प्रीमियम ने दबाव बढ़ाया है।

मालभाड़ा लागत बढ़ने से भारत का क्रूड बास्केट महँगा हुआ

अक्टूबर का औसत अगस्त के 90.19 डॉलर प्रति बैरल से भी काफी अधिक था। अक्टूबर के आँकड़े पूरे महीने के बजाय 26 अक्टूबर तक की अवधि के हैं।

पश्चिम एशिया संघर्ष ने भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ाई है, जबकि विश्लेषकों और रिफाइनरियों का कहना है कि ऊँची शिपिंग मालभाड़ा दरें और समुद्री बीमा प्रीमियम कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ा रहे हैं। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर रुपया भी आयात की लागत बढ़ाता है।

27 अक्टूबर की शाम वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें ऊँची थीं। ब्रेंट 114.6 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जबकि वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट और मुर्बान भी 100 डॉलर से ऊपर थे।

मदविवरण
ब्रेंट27 अक्टूबर की शाम 114.6 डॉलर प्रति बैरल
वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट27 अक्टूबर की शाम 100.9 डॉलर प्रति बैरल
मुर्बान27 अक्टूबर की शाम 117.7 डॉलर प्रति बैरल

आयात बिल और रिफाइनर मार्जिन पर दबाव

अप्रैल–सितंबर FY27 में भारत का शुद्ध तेल और गैस आयात बिल 81.1 अरब डॉलर तक पहुँच गया। अप्रैल–जुलाई FY27 में देश का चालू खाता घाटा 11.2 अरब डॉलर था, जबकि एक साल पहले यह 6.6 अरब डॉलर था।

रेटिंग एजेंसी ICRA का अनुमान है कि किसी वित्त वर्ष में औसत कच्चे तेल की कीमत में प्रति बैरल 10 डॉलर की वृद्धि से शुद्ध तेल आयात लगभग 12 अरब से 13 अरब डॉलर बढ़ता है और चालू खाता घाटा GDP के 0.3% तक बढ़ जाता है। यह संवेदनशीलता का अनुमान है, अंतिम वार्षिक बिल का पूर्वानुमान नहीं।

हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम के FY27 की दूसरी तिमाही के नतीजों में मार्केटिंग मार्जिन पर दबाव दिखा, जिसकी आंशिक भरपाई रिफाइनरी मार्जिन में मजबूती से हुई। तीन सरकारी तेल विपणन कंपनियों को LPG पर लगभग ₹62,000 करोड़ की अंडर-रिकवरी हुई।

अगला पड़ाव

इंडियन ऑयल शुक्रवार, 30 अक्टूबर को अपने नतीजे पेश करने वाला है।

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