मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह 25 अक्टूबर, 2026 को सीनाई कैंप पहुंचे। इससे पहले सुरक्षा बलों ने कांगपोकपी जिले में निर्धारित उग्रवादी आश्रय स्थल को निरस्त्र कर अपने नियंत्रण में ले लिया था।
संयुक्त अभियान के बाद सीनाई कैंप पहुंचे मुख्यमंत्री
यह कैंप ऑपरेशन्स सस्पेंशन समझौते के तहत आने वाले उग्रवादियों के लिए निर्धारित आश्रय स्थल है। केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) ने अपनी CoBRA इकाई, मणिपुर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त अभियान के बाद इसका नियंत्रण संभाला।
यह अभियान इम्फाल पूर्व जिले के नोंगशुम के पास जलावन की लकड़ी इकट्ठा करने वाले तीन लोगों की हालिया हत्या के बाद चलाया गया। सुरक्षा कर्मियों को कैंप में 17 लोग मिले, जो झूठी पहचान का इस्तेमाल कर पंजीकृत कैडर होने का ढोंग कर रहे थे। कैंप में लगभग 150 कैडरों के रहने की व्यवस्था होनी थी।
मुख्यमंत्री ने तलाशी अभियानों के दौरान सावधानी बरतने की अपील की
कैंप में सिंह ने कहा कि जब तक बंदूक संस्कृति बनी रहेगी, मणिपुर में स्थायी शांति हासिल नहीं की जा सकती। वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के साथ बातचीत में उन्होंने यह भी कहा कि तलाशी अभियानों से निर्दोष नागरिक प्रभावित न हों, इसका ध्यान रखा जाना चाहिए।
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