31 अक्टूबर, 2026 को समाप्त सप्ताह के दौरान चांदी की कीमतें घटकर $50 प्रति औंस पर आ गईं, जो फरवरी में लगभग $120 के स्तर से आधे से भी कम है। उपलब्ध मूल्य-विवरणों में इस बात पर मतभेद है कि धातु ने अपना रिकॉर्ड उच्च स्तर कब छुआ।

मुख्य बातें

  • सप्ताह के दौरान चांदी का कारोबार लगभग $50 प्रति औंस पर हुआ; कीमत देखने का सटीक समय नहीं बताया गया।
  • सिल्वर इंस्टीट्यूट के अप्रैल के एक सर्वेक्षण के अनुसार, 2026 की शुरुआत में कीमत 29 जनवरी को $121 से ऊपर के उच्च स्तर पर पहुंची थी।
  • चांदी के लिए औद्योगिक मांग और निवेश प्रवाह महत्वपूर्ण हैं, लेकिन उपलब्ध साक्ष्य कीमतों में गिरावट का कोई एकमात्र कारण स्थापित नहीं करते।

2026 की शुरुआत के स्तर से चांदी की कीमतों में गिरावट

फरवरी में लगभग $120 की कीमत को लंदन के हाजिर बाजार का उच्च स्तर बताया गया था। हालांकि, सिल्वर इंस्टीट्यूट के अप्रैल के सर्वेक्षण के अनुसार, 29 जनवरी को चांदी $121 से ऊपर थी, इसलिए फरवरी के आंकड़े को पुष्ट रिकॉर्ड नहीं मानना चाहिए।

चांदी की कीमतों में $50 तक की गिरावट से पहले इस धातु के बाजार में अस्थिरता का दौर रहा। उपलब्ध जानकारी में नवीनतम मूल्य-अवलोकन का सटीक समय नहीं बताया गया है।

औद्योगिक मांग और आपूर्ति पर ध्यान

चांदी का उपयोग सौर पैनलों और इलेक्ट्रॉनिक्स सहित उत्पादों में होता है, और इसे निवेश के लिए भी रखा जाता है। इस वजह से इसका बाजार औद्योगिक खपत और निवेशकों की मांग, दोनों में बदलावों के प्रति संवेदनशील रहता है।

सिल्वर इंस्टीट्यूट के 2025 के बाजार सर्वेक्षण में पाया गया कि उस वर्ष औद्योगिक मांग 3% गिर गई, जबकि वैश्विक मांग लगातार पांचवें वर्ष आपूर्ति से अधिक रही। ये ऐतिहासिक निष्कर्ष संदर्भ तो देते हैं, लेकिन यह स्थापित नहीं करते कि कीमतों में हालिया गिरावट किस कारण हुई।

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