17 अक्टूबर, 2026 को घोषित बैंक Q2 नतीजों में सितंबर तिमाही के मुनाफे HDFC Bank, ICICI Bank और Axis Bank में बढ़े, जबकि IDBI Bank ने गिरावट दर्ज की। YES Bank ने भी मुनाफे में बढ़ोतरी दर्ज की, लेकिन उसके आंकड़ों में ₹8,400 करोड़ के AT-1 बॉन्ड राइट-ऑफ से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के फैसले का प्रभाव शामिल नहीं था।
मुख्य बातें
- HDFC, ICICI और Axis ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में अधिक मुनाफा दर्ज किया।
- IDBI का मुनाफा 39% गिरा, जबकि Central Bank of India ने अधिक मुनाफा और कुल आय दर्ज की।
- YES Bank की मुनाफे में 65% की बढ़ोतरी में AT-1 बॉन्ड पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का प्रभाव शामिल नहीं था।
विषय-सूची
- बैंक Q2 नतीजों में मुनाफे की बढ़ोतरी की अलग-अलग दरें
- Central Bank of India में सुधार, जबकि IDBI में गिरावट
- YES Bank के मुनाफे पर AT-1 फैसले से जुड़ी शर्त
- निष्कर्ष
बैंक Q2 नतीजों में मुनाफे की बढ़ोतरी की अलग-अलग दरें
HDFC Bank ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए ₹19,510 करोड़ का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जो एक साल पहले की तुलना में 5% अधिक था। शुद्ध ब्याज आय में 10% की बढ़ोतरी हुई।
ICICI Bank की सितंबर तिमाही की प्रदर्शन समीक्षा के अनुसार, स्टैंडअलोन मुनाफा 20.1% बढ़कर ₹14,843 करोड़ हो गया। समेकित शुद्ध मुनाफा—जिसमें सहायक कंपनियां शामिल हैं—एक साल पहले के ₹13,357.06 करोड़ से 22.28% बढ़कर ₹16,333.18 करोड़ रहा।
Axis Bank का समेकित शुद्ध मुनाफा ₹5,527.85 करोड़ से 39.4% बढ़कर ₹7,704.67 करोड़ हो गया। इसका स्टैंडअलोन मुनाफा ₹5,089.64 करोड़ से 37.6% बढ़कर ₹7,003.28 करोड़ रहा।
इन नतीजों की तुलना करते समय लेखांकन आधार मायने रखता है: स्टैंडअलोन आय केवल बैंक की होती है, जबकि समेकित आय में सहायक कंपनियां भी शामिल होती हैं। यहां HDFC का प्रमुख आंकड़ा स्टैंडअलोन है; ICICI और Axis के बड़े प्रमुख आंकड़े समेकित हैं।
| मद | विवरण |
|---|---|
| ICICI Bank की शुद्ध ब्याज आय | Q2 FY2027 में ₹25,339 करोड़, साल-दर-साल 17.7% अधिक। |
| ICICI Bank का शुद्ध ब्याज मार्जिन | 4.18%, जबकि एक साल पहले यह 4.30% था। |
| ICICI Bank का सकल खराब ऋण अनुपात | 30 सितंबर, 2026 को 1.20%, जो एक साल पहले के 1.58% से कम है। |
| Central Bank of India की कुल आय | ₹11,737 करोड़, जबकि एक साल पहले यह ₹10,212 करोड़ थी। |
Central Bank of India में सुधार, जबकि IDBI में गिरावट
IDBI Bank ने तिमाही शुद्ध मुनाफे में 39% की गिरावट दर्ज की; यह घटकर ₹2,205 करोड़ रहा, क्योंकि गैर-ब्याज आय में नरमी आई। कुल आय अधिक होने और परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार के बावजूद मुनाफा घटा। इससे पता चलता है कि इन सुधारों का अंतिम शुद्ध मुनाफे में बढ़ोतरी के रूप में रूपांतरण नहीं हुआ।
Central Bank of India का शुद्ध मुनाफा एक साल पहले के ₹1,324 करोड़ से बढ़कर ₹1,469 करोड़ हो गया। इसमें मुख्य आय में सुधार और खराब परिसंपत्तियों में कमी का योगदान रहा। इसकी कुल आय भी बढ़ी।
YES Bank के मुनाफे पर AT-1 फैसले से जुड़ी शर्त
YES Bank ने तिमाही मुनाफे में 65% की बढ़ोतरी दर्ज करते हुए इसे ₹1,080 करोड़ बताया। इस आंकड़े में ₹8,400 करोड़ के अतिरिक्त टियर-1, यानी AT-1, बॉन्ड राइट-ऑफ से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के फैसले का प्रभाव शामिल नहीं है।
नतीजे की व्याख्या के लिए इस प्रभाव को शामिल न किया जाना महत्वपूर्ण है। रिपोर्ट की गई मुनाफे में बढ़ोतरी से यह साबित नहीं होता कि फैसले को शामिल करने के बाद बैंक की आय की स्थिति क्या होगी, और उपलब्ध आंकड़े इसके परिणामस्वरूप होने वाले समायोजन की मात्रा नहीं बताते।
निष्कर्ष
सितंबर तिमाही के नतीजों में कई बड़े ऋणदाताओं का मुनाफा बढ़ा, लेकिन IDBI का नहीं। अभी अहम और अनसुलझा खुलासा यह है कि AT-1 फैसले का YES Bank पर वित्तीय प्रभाव कितना होगा; उसके रिपोर्ट किए गए मुनाफे में यह प्रभाव शामिल नहीं है।
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