23 अक्टूबर, 2026 को विदेशों में प्रौद्योगिकी शेयरों की तेज बिकवाली के विपरीत, भारतीय आईटी शेयरों ने बाजार की शुरुआती रिकवरी की अगुवाई की। हालांकि, व्यापक तेजी सीमित रही: सुबह 9:21 बजे तक सेंसेक्स और निफ्टी 50 अपने शुरुआती स्तरों से नीचे आ चुके थे, जबकि $114 प्रति बैरल के करीब ब्रेंट क्रूड की कीमत रिकवरी के लिए चिंता बनी हुई थी।

मुख्य बातें

  • शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 0.39% चढ़ा और निफ्टी 50 में 0.10% की बढ़त हुई।
  • अमेरिकी प्रौद्योगिकी शेयरों में रातोंरात आई तेज गिरावट के बावजूद TCS, Infosys और HCL Technologies में तेजी आई।
  • ऊंची तेल कीमतों और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने घरेलू बाजार की रिकवरी को जटिल बनाया।

विषय-सूची

भारतीय आईटी शेयरों ने शुरुआती, सतर्क रिकवरी की अगुवाई की

सुबह 9:21 बजे सेंसेक्स 73,536.79 पर था, जो गुरुवार के बंद स्तर से 287.40 अंक ऊपर था। सूचकांक 73,665.64 पर ऊंचा खुला था। निफ्टी 50, 22,742.20 पर खुलने के बाद 23.55 अंक की बढ़त के साथ 22,711.20 पर कारोबार कर रहा था।

आईटी क्षेत्र में यह रिकवरी पिछले कारोबारी सत्र में 1.1% की गिरावट के बाद आई। निफ्टी 50 के बढ़त वाले शेयरों में TCS सबसे आगे रहा, जबकि Infosys और HCL Technologies में भी तेजी आई। Bharti Airtel और Reliance Industries ने भी अतिरिक्त समर्थन दिया।

बढ़त सभी शेयरों में समान नहीं थी। Hindalco 2.47% गिरा, Tata Steel में 1.49% की गिरावट आई और Adani Enterprises 1.49% नीचे रहा। इस अंतर के चलते बेंचमार्क सूचकांक ऊंचे तो रहे, लेकिन इससे व्यापक आधार वाली रिकवरी का संकेत नहीं मिला।

शेयरविवरण
TCSशुरुआती भाव: ₹2,600; 3.71% ऊपर।
Infosysशुरुआती भाव: ₹1,182; 2.48% ऊपर।
HCL Technologiesशुरुआती भाव: ₹1,449; 1.92% ऊपर।
Bharti Airtelशुरुआती भाव: ₹1,914.60; 1.03% ऊपर।
Reliance Industriesशुरुआती भाव: ₹1,195.80; 0.95% ऊपर।

विदेशी प्रौद्योगिकी शेयरों की गिरावट के विपरीत घरेलू बाजार में बढ़त

घरेलू आईटी शेयरों में तेजी के पहले नैस्डैक 2.6% गिरा था। इसकी वजह कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर खर्च को लेकर चिंताएं थीं। Philadelphia Semiconductor Index में 7% की गिरावट आई, जबकि S&P 500 1.2% नीचे रहा और Dow Jones Industrial Average सपाट बंद हुआ।

एशियाई बाजारों में भी कमजोरी रही। जापान का Nikkei करीब 1.7% गिरा और दक्षिण कोरिया का KOSPI 3% से अधिक नीचे आया। इस तरह शुरुआती तस्वीर में भारतीय प्रौद्योगिकी शेयर अपने विदेशी समकक्षों से अलग दिशा में चले; ये बढ़तें दिन के अंत के नतीजे नहीं थीं।

Choice Broking के तकनीकी शोध विश्लेषक Hitesh Tailor ने बाजार खुलने से पहले चेताया था कि कमजोर वैश्विक धारणा और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें घरेलू रिकवरी को सीमित कर सकती हैं।

तेल और संस्थागत निवेशकों के प्रवाह पर नजर

ब्रेंट क्रूड करीब $114 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पांच महीने के उच्च स्तर के करीब था, जबकि WTI करीब $99 पर था। Geojit Investments के मुख्य निवेश रणनीतिकार V K Vijayakumar ने इस स्तर पर ब्रेंट को अर्थव्यवस्था और बाजारों के लिए एक बड़ा नकारात्मक कारक बताया।

ICE के ब्रेंट वायदा अनुबंध की विशिष्टताएं इस बेंचमार्क की पृष्ठभूमि बताती हैं: अनुबंध में 1,000 बैरल शामिल हैं और इसका भाव अमेरिकी डॉलर तथा सेंट प्रति बैरल में बताया जाता है। ये विशिष्टताएं उत्पाद का विवरण देती हैं, 23 अक्टूबर के बाजार भाव की पुष्टि नहीं करतीं।

पिछले कारोबारी सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुद्ध रूप से ₹3,459 करोड़ की बिकवाली की थी। घरेलू संस्थागत निवेशकों ने शुद्ध रूप से ₹2,891 करोड़ की खरीदारी की, जिससे इन निकासी प्रवाहों की आंशिक भरपाई हुई। Vijayakumar ने कहा कि 94.70 प्रति डॉलर पर मजबूत रुपया और अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी की 4.96% की कम यील्ड विदेशी बिकवाली पर अंकुश लगाने में मदद कर सकती है।

निष्कर्ष

शुरुआती सत्र में भारतीय प्रौद्योगिकी शेयरों ने मजबूती दिखाई, लेकिन बाजार में व्यापक रिकवरी नहीं हुई। 23 अक्टूबर के बाकी कारोबार से पता चलता कि ऊंची तेल कीमतों और विदेशी शेयर बाजारों की कमजोरी के बीच ये बढ़त कायम रह सकती है या नहीं।

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