मारुति सुज़ुकी इंडिया ने 27 अक्टूबर, 2026 को कहा कि वह BS-VII नियमों को लागू करने में देरी की ऑटो उद्योग की मांग का समर्थन करती है, ताकि निर्माताओं को सरकार के साथ कार बाजार पर उनके संभावित प्रभाव पर चर्चा करने का समय मिल सके।
BS-VII नियम और प्रस्तावित समय-सीमा
भारत के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 12 अक्टूबर की तारीख वाला भारत स्टेज-VII नियमों का मसौदा जारी किया। प्रस्ताव में यात्री कारों के लिए अप्रैल 2031 से टायर घिसाव संबंधी आवश्यकताओं और ब्रेक-कण उत्सर्जन सीमाओं का प्रावधान है।
खबरों के अनुसार, आपूर्तिकर्ताओं से मिली प्रतिक्रिया के बाद सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) ने मंत्रालय से इन ब्रेक और टायर संबंधी आवश्यकताओं को अप्रैल 2035 में लागू करने का अनुरोध किया है। मंत्रालय के मसौदे में अप्रैल 2029, अप्रैल 2031 और अप्रैल 2035 से शुरू होने वाले तीन कार्यान्वयन चरणों की परिकल्पना है।
मारुति को कीमतों पर असर की आशंका
मारुति सुज़ुकी के प्रबंध निदेशक और CEO हिसाशी टेकुची ने आय संबंधी नतीजों के बाद हुई कॉल में कहा कि ये मानदंड कीमतों को प्रभावित करेंगे, हालांकि इस बारे में विवरण पर अभी चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि SIAM के सदस्य रोडमैप पर सरकार से परामर्श करने की योजना बना रहे हैं।
टेकुची ने कहा कि उद्योग को पर्यावरण संबंधी चिंताओं और बिक्री की रफ्तार बनाए रखने के बीच संतुलन बनाना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि सितंबर 2025 में GST सुधारों के बाद तुलना का आधार ऊंचा होने के बावजूद, मारुति पिछले वर्ष के स्तर से अधिक बिक्री बनाए हुए थी।
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