29 अक्टूबर, 2026 को एशियाई कारोबार की शुरुआत में तेल की कीमतें गिर गईं, क्योंकि कारोबारियों ने ईरान से जुड़े कूटनीतिक प्रयासों के साथ-साथ मध्य पूर्व में और हमलों के जोखिम का आकलन किया। ब्रेंट क्रूड 114.40 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जबकि अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 1% गिरकर 102 डॉलर पर आ गया।

मुख्य बातें

  • पिछले सत्र में ब्रेंट 1% से अधिक चढ़ा था और महीने में अब तक 11% ऊपर था।
  • सऊदी अधिकारियों ने हूतियों के इस दावे की तत्काल पुष्टि नहीं की थी कि समूह ने रास तनुरा रिफाइनरी को निशाना बनाया।
  • गोल्डमैन सैक्स ने निर्यात और जहाजों पर हमलों के आधार पर 80 से 120 डॉलर प्रति बैरल तक के परिदृश्य प्रस्तुत किए।

पहले की बढ़त के बाद तेल की कीमतों में गिरावट

गुरुवार को आई गिरावट से पहले पिछले सत्र में ब्रेंट 1% से अधिक चढ़ा था। इस गिरावट के बावजूद, अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क अक्टूबर में 11% ऊपर था और अप्रैल के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था।

कारोबारी जिन घटनाक्रमों का आकलन कर रहे थे, उनमें कूटनीतिक प्रयास भी शामिल थे। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान बातचीत के लिए तैयार है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मध्यस्थ दोनों पक्षों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान कर रहे थे, लेकिन उन्हें यकीन नहीं था कि वार्ता सफल होगी।

हमलों और वार्ताओं के बीच आपूर्ति जोखिम पर ध्यान

यमन के हूतियों से लड़ रहे सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसने गुरुवार तड़के सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को नष्ट कर दिया। यमनी सरकारी बलों ने कहा कि हूतियों ने बुधवार को अदन हवाई अड्डे पर हमला किया।

हूतियों ने यह दावा भी किया कि उन्होंने मिसाइल से सऊदी अरब की रास तनुरा रिफाइनरी को निशाना बनाया। सऊदी अधिकारियों ने कथित हमले की तत्काल पुष्टि नहीं की थी।

वार्ता से अवगत एक अधिकारी ने कहा कि कतरी मध्यस्थों ने अमेरिका और इज़राइल से जुड़े युद्ध को समाप्त करने के लिए ईरान के सामने एक मसौदा प्रस्ताव रखा। ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने प्रस्तावों को अस्वीकार्य बताते हुए खारिज कर दिया।

तेल के परिदृश्य और ब्याज दरों की पृष्ठभूमि

गोल्डमैन सैक्स ने एक ऐसा परिदृश्य प्रस्तुत किया जिसमें मध्य पूर्व के जहाजों पर हमले तेज होने पर तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। उसने यह भी कहा कि निर्यात सामान्य होने पर कीमतें घटकर लगभग 80 डॉलर तक आ सकती हैं। ये सशर्त परिदृश्य हैं, कीमतों के पुष्ट परिणाम नहीं।

तेल की ऊंची कीमतें उपभोक्ताओं की लागत और मुद्रास्फीति के दबाव को बढ़ा सकती हैं। अपने 28 अक्टूबर के नीतिगत वक्तव्यमें, फेडरल रिजर्व ने संघीय निधि दर के लिए अपनी लक्ष्य सीमा 3.75% से 4% पर बरकरार रखी और कहा कि मुद्रास्फीति अब भी ऊंची बनी हुई है।

और समाचार पढ़ें

FinanceVelix की और खबरें

अस्वीकरण

FinanceVelix का यह लेख सामान्य जानकारी प्रदान करता है, व्यक्तिगत वित्तीय, निवेश, कानूनी या कर संबंधी सलाह नहीं। बाजार की कीमतें, ब्याज दरें और आर्थिक परिस्थितियां बदल सकती हैं; निवेश में नुकसान का जोखिम रहता है। तथ्य प्रकाशन के समय उपलब्ध सामग्री पर आधारित हैं और बदल सकते हैं। महत्वपूर्ण जानकारी की स्वतंत्र रूप से जांच करें और जरूरत पड़ने पर किसी योग्य पेशेवर से सलाह लें। किसी परिसंपत्ति, कंपनी या सेवा का उल्लेख समर्थन या अनुशंसा नहीं है।