Jio Platforms का IPO 21 अक्टूबर, 2026 को खुलने के 100 मिनट के भीतर पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया, जबकि मूल कंपनी Reliance Industries के शेयरों में लगभग 2% की बढ़त आई। 30,213 करोड़ रुपये के इस निर्गम की शुरुआती मांग में संस्थागत निवेशकों ने अगुवाई की। इसमें बोली लगाने की अवधि 23 अक्टूबर तक खुली रहेगी।

मुख्य बातें

  • संस्थागत मांग के चलते निर्गम 100 मिनट के भीतर पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया।
  • दिन के कारोबार के दौरान NSE पर Reliance के शेयरों में 2.68% तक की बढ़त हुई।
  • IPO में पूरी तरह नए जारी किए गए शेयर शामिल हैं; इसमें बिक्री के लिए प्रस्ताव (OFS) का कोई हिस्सा नहीं है।

विषय-सूची

Jio Platforms IPO में संस्थागत मांग तेजी से आई

योग्य संस्थागत खरीदारों के लिए आरक्षित हिस्सा 10 मिनट के भीतर पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया और आधे घंटे से भी कम समय में आवंटित हिस्से के लगभग दोगुने स्तर पर पहुंच गया। बाद में यह 2.86 गुना सब्सक्रिप्शन तक पहुंचा, जबकि BSE के आंकड़ों के अनुसार कुल बोलियों ने 100 मिनट के भीतर निर्गम को कवर कर लिया।

ये शुरुआती बोली के आंकड़े थे, अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़े नहीं। पूरी तरह सब्सक्राइब होने का मतलब है कि उपलब्ध शेयरों के बराबर बोलियां आ चुकी थीं; इससे अंतिम आवंटन या लिस्टिंग के बाद शेयरों के जिस भाव पर कारोबार होगा, उसका निर्धारण नहीं होता।

आम निवेशकों के लिए बोली शुरू होने से पहले, Jio Platforms ने 19 अक्टूबर को 212 एंकर निवेशकों को करीब 8,110 करोड़ रुपये के शेयर 1,119 रुपये प्रति शेयर की दर से आवंटित किए। यह निर्गम की मूल्य-सीमा का ऊपरी स्तर था।

मदविवरण
निर्गम का आकार30,213 करोड़ रुपये
मूल्य-सीमा1,065–1,119 रुपये प्रति शेयर
नए शेयरअधिकतम 27 करोड़ शेयर
निहित मूल्यांकनमूल्य-सीमा के ऊपरी स्तर पर लगभग 108 अरब अमेरिकी डॉलर

निर्गम खुलते ही Reliance के शेयर चढ़े

National Stock Exchange पर Reliance Industries के शेयर 1,225.60 रुपये पर कारोबार कर रहे थे, जो 1.96% की बढ़त थी। दिन के कारोबार में शेयर 1,234.30 रुपये के उच्च स्तर तक पहुंचे, यानी 2.68% की बढ़त। BSE पर शेयर 1,234.60 रुपये छूने के बाद 1,224.85 रुपये पर कारोबार कर रहे थे, जो 1.83% अधिक था। ये आंकड़े दिन के कारोबार के हैं, बंद भाव नहीं।

इस निर्गम से पहले Jio Platforms का रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया गया था, जिसे SEBI ने 15 अक्टूबर, 2026 को दर्ज किया। IPO में बिक्री के लिए प्रस्ताव (OFS) का कोई हिस्सा नहीं है, यानी इसमें मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी बेचने के बजाय नए शेयर जारी किए जा रहे हैं।

30,213 करोड़ रुपये का यह नियोजित निर्गम 2024 में Hyundai Motor India के 27,870 करोड़ रुपये के IPO से बड़ा होगा।

Jio ने कनेक्टिविटी से आगे की वृद्धि पर जोर दिया

प्रबंध निदेशक Akash Ambani ने 20 अक्टूबर को Jio को एक टेक्नोलॉजी व्यवसाय बताया। उन्होंने कंपनी के स्वदेशी 5G कोर, क्लाउड-नेटिव रेडियो एक्सेस नेटवर्क और 533.3 मिलियन ग्राहकों को सेवा देने वाले सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म का उल्लेख किया।

Ambani ने कहा, “कनेक्टिविटी वह पहला उत्पाद था जिसे हमने इस प्लेटफॉर्म पर बनाया। अब हम इस पर डिजिटल सेवाएं, AI और क्लाउड जोड़ रहे हैं।”

इस रणनीति से यह सवाल अहम हो जाता है कि क्या Jio अपने बड़े ग्राहक आधार को उच्च मार्जिन वाले डिजिटल और एंटरप्राइज राजस्व में बदल सकता है। यह विस्तार प्रबंधन की महत्वाकांक्षा है, न कि आय का स्थापित परिणाम।

निष्कर्ष

बोली 23 अक्टूबर, 2026 को बंद होने वाली है। अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़ों से पता चलेगा कि शुरुआती घंटों में दिखी मजबूत संस्थागत भागीदारी से आगे कुल मांग कितनी बढ़ती है।

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