30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही में Axis Bank का मुनाफा सालाना आधार पर 38% बढ़कर 7,003 करोड़ रुपये हो गया। इसमें ऋण विस्तार, शुद्ध ब्याज आय में वृद्धि और परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार का योगदान रहा। फिर भी, वित्त वर्ष 2026–27 की दूसरी तिमाही का परिणाम पिछली तिमाही से 2% कम रहा। इससे सालाना आधार पर मजबूत सुधार और बैंक के तिमाही-दर-तिमाही प्रदर्शन के बीच अंतर स्पष्ट होता है।
मुख्य बातें
- शुद्ध ब्याज आय सालाना आधार पर 11.8% बढ़कर 15,371 करोड़ रुपये हो गई।
- अग्रिमों में 23% की वृद्धि हुई; निर्दिष्ट FCNR(B)-संबंधी बैलेंस शीट प्रभाव को छोड़कर वृद्धि 19% रही।
- सकल और शुद्ध खराब ऋण अनुपात घटे, जबकि वार्षिकीकृत ऋण लागत भी कम हुई।
विषय-सूची
- Axis Bank का मुनाफा मुख्य परिचालन आय से तेज़ी से बढ़ा
- ऋण वृद्धि जमा वृद्धि से आगे
- मार्जिन के आंकड़ों में FCNR(B) का प्रभाव दिखा
- खराब ऋण अनुपात और ऋण लागत में सुधार
- निष्कर्ष
Axis Bank का मुनाफा मुख्य परिचालन आय से तेज़ी से बढ़ा
बैंक की Q2 FY27 के नतीजों की घोषणा के अनुसार, कर-पश्चात मुनाफा एक साल पहले के 5,090 करोड़ रुपये से बढ़ा, जबकि मुख्य परिचालन मुनाफा 11% बढ़कर 10,998 करोड़ रुपये हो गया। पिछली तिमाही की तुलना में मुख्य परिचालन मुनाफा 1% घटा।
शुद्ध ब्याज आय—यानी अर्जित ब्याज और चुकाए गए ब्याज के बीच का अंतर—तिमाही-दर-तिमाही 5% बढ़ी। परिचालन व्यय सालाना आधार पर 9% और पिछली तिमाही से 11% बढ़कर 10,819 करोड़ रुपये हो गया, जिससे आय में वृद्धि का लाभ कुछ कम हुआ।
| मद | विवरण |
|---|---|
| मुख्य परिचालन राजस्व | 21,817 करोड़ रुपये; सालाना आधार पर 10% अधिक |
| शुल्क आय | 6,381 करोड़ रुपये; सालाना आधार पर 6% अधिक |
| कुल पूंजी पर्याप्तता अनुपात | 30 सितंबर, 2026 को 16.27% |
| कॉमन इक्विटी टियर 1 अनुपात | 30 सितंबर, 2026 को 14.61% |
| औसत तरलता कवरेज अनुपात | Q2 FY27 के दौरान लगभग 119% |
ऋण वृद्धि जमा वृद्धि से आगे
शुद्ध अग्रिम 23% सालाना और 9% तिमाही-दर-तिमाही बढ़कर 13,73,727 करोड़ रुपये हो गए। कॉरपोरेट ऋणों में सालाना 34% वृद्धि हुई, छोटे और मध्यम उद्यमों के ऋण 25% बढ़े और खुदरा ऋणों में 16% की वृद्धि हुई।
तिमाही के अंत में जमा 21% सालाना बढ़कर 14,52,066 करोड़ रुपये हो गए। Axis Bank की अंतरराष्ट्रीय शाखाओं से मिले अग्रिमों के सहारे जुटाई गई विदेशी मुद्रा अनिवासी बैंक जमाओं के अवधि-अंत प्रभाव को छोड़कर, अग्रिमों में 19% और जमाओं में 17% की वृद्धि हुई।
यह अंतर महत्वपूर्ण है, क्योंकि बैलेंस शीट के विस्तार के मुख्य आंकड़े में यह खास फंडिंग और ऋण व्यवस्था शामिल है; यह केवल बैंकिंग कारोबार के अन्य क्षेत्रों की वृद्धि को नहीं दर्शाता।
मार्जिन के आंकड़ों में FCNR(B) का प्रभाव दिखा
रिपोर्ट किया गया शुद्ध ब्याज मार्जिन 3.36% रहा। FCNR(B) जमाओं के प्रभाव को छोड़कर मार्जिन 3.47% था, जबकि पिछली तिमाही में यह 3.46% रहा था।
इस प्रभाव को हटाने पर मार्जिन रिपोर्ट किए गए आंकड़े से 11 आधार अंक अधिक रहता है। इस आधार पर, ऋण देने की मात्रा बढ़ने के बावजूद ब्याज अर्जित करने वाली परिसंपत्तियों से तिमाही लाभप्रदता मोटे तौर पर स्थिर रही।
खराब ऋण अनुपात और ऋण लागत में सुधार
सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति अनुपात एक साल पहले के 1.46% से घटकर 1.16% हो गया, जबकि शुद्ध अनुपात 0.44% से घटकर 0.35% रहा। दोनों माप पिछली तिमाही की तुलना में भी बेहतर हुए।
वार्षिकीकृत शुद्ध ऋण लागत 0.45% रही, जो सालाना आधार पर 28 आधार अंक और तिमाही-दर-तिमाही 18 आधार अंक कम थी। इन आंकड़ों से पता चलता है कि ऋण पुस्तिका के विस्तार के साथ रिपोर्ट किया गया ऋण दबाव कम हुआ, न कि केवल वृद्धि हुई।
निष्कर्ष
सितंबर तिमाही के नतीजों में तेज़ ऋण वृद्धि और बेहतर ऋण गुणवत्ता के साथ-साथ मुनाफे और मुख्य परिचालन आय में तिमाही-दर-तिमाही नरमी भी दिखी। अगली तिमाही के नतीजे मार्जिन, ऋण वृद्धि और ऋण लागत की तुलना के लिए अगला आधार देंगे।
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