30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही में एक्सिस बैंक का स्टैंडअलोन मुनाफा सालाना आधार पर 37.6% बढ़कर ₹7,003 करोड़ रहा, लेकिन यह विश्लेषकों की उम्मीदों से मामूली रूप से चूक गया। भारतीय निजी क्षेत्र के इस ऋणदाता के 17 अक्टूबर के नतीजों से पता चला कि ऊंचे परिचालन खर्च और अन्य आय में कमजोरी ने मजबूत ऋण-वृद्धि तथा प्रावधानों में तेज गिरावट से मिले लाभ को सीमित किया।

मुख्य बातें

  • स्टैंडअलोन मुनाफा विश्लेषकों के ₹7,124 करोड़ के सर्वसम्मत अनुमान से ₹121 करोड़ कम रहा।
  • शुद्ध ब्याज आय 11.8% बढ़ी, जबकि परिचालन खर्च सालाना आधार पर 9% बढ़े।
  • प्रावधान 52.2% घटे और सकल खराब ऋण अनुपात सुधरकर 1.16% हो गया।

विषय-सूची

मजबूत सालाना वृद्धि के बावजूद एक्सिस बैंक का मुनाफा अनुमान से कम

सितंबर तिमाही का नतीजा एक साल पहले के ₹5,090 करोड़ के मुकाबले रहा। LSEG द्वारा संकलित अनुमानों के आधार पर विश्लेषकों ने ₹7,124 करोड़ की उम्मीद की थी, जिससे घोषित नतीजा सर्वसम्मत अनुमान से लगभग 1.7% कम रहा।

सालाना सुधार के विपरीत, पिछली तिमाही की तुलना में मुनाफे में मामूली गिरावट आई: इससे पहले वाली तिमाही में मुनाफा ₹7,114 करोड़ था। इसलिए सालाना आधार पर मजबूत वृद्धि जून तिमाही से बढ़ोतरी में तब्दील नहीं हुई।

एक्सिस बैंक की Q2 FY27 नतीजों की घोषणा के अनुसार परिचालन खर्च ₹10,819 करोड़ रहे, जो एक साल पहले से 9% और पिछली तिमाही से 11% अधिक थे। परिचालन मुनाफा सालाना आधार पर 6% बढ़कर ₹11,083 करोड़ हुआ, जो शुद्ध मुनाफे की वृद्धि से काफी धीमा था।

मदविवरण
शुद्ध ब्याज मार्जिनQ2 FY27 के लिए 3.36%; FCNR(B) के प्रभाव को छोड़कर 3.47%।
शुल्क आय₹6,381 करोड़, सालाना आधार पर 6% अधिक।
शुद्ध गैर-निष्पादित परिसंपत्ति अनुपात0.35%, सालाना आधार पर 9 आधार अंक कम।
कुल पूंजी पर्याप्तता अनुपात30 सितंबर, 2026 को 16.27%।

ऋण आय मजबूत, जबकि अन्य आय कमजोर

शुद्ध ब्याज आय—यानी अर्जित ब्याज और चुकाए गए ब्याज के बीच का अंतर—11.8% बढ़कर ₹15,371 करोड़ हो गई। कुल ऋण एक साल पहले की तुलना में 23% बढ़े, जबकि जमा में 20.7% की वृद्धि हुई।

इन प्रमुख बैलेंस शीट वृद्धि दरों में बैंक की अंतरराष्ट्रीय शाखाओं से मिले अग्रिमों के समर्थन वाले विदेशी मुद्रा अनिवासी जमा का प्रभाव शामिल था। बैंक ने कहा कि इस निर्दिष्ट प्रभाव को छोड़कर, अग्रिमों में 19% और जमा में 17% वृद्धि हुई।

अन्य आय, जिसमें बॉन्ड और अन्य निवेशों से होने वाली कमाई शामिल है, 1.4% घटकर ₹6,531 करोड़ रह गई। तिमाही के दौरान बॉन्ड प्रतिफल में बढ़ोतरी और रुपये की अस्थिरता ने ट्रेजरी आय पर दबाव डाला और बढ़ते ऋण से मिले योगदान को सीमित किया।

कम प्रावधानों से मुनाफे को बड़ा सहारा

संभावित खराब ऋणों और अन्य आकस्मिकताओं के लिए प्रावधान 52.2% घटकर ₹1,694 करोड़ रह गए। इस कमी से परिचालन मुनाफे की तुलना में शुद्ध मुनाफा कहीं तेज गति से बढ़ा; इस तरह, प्रावधानों में कमी सालाना मुनाफा सुधार का एक अहम हिस्सा रही।

परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी सुधार हुआ। सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति अनुपात सितंबर के अंत में घटकर 1.16% रह गया, जो तीन महीने पहले 1.28% था—यानी 12 आधार अंकों की कमी।

निष्कर्ष

एक्सिस बैंक की सितंबर तिमाही की आय में ऋण की मजबूत वृद्धि और परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ लागत और ट्रेजरी आय का दबाव भी दिखा। अगली तिमाही के नतीजे यह परखने का एक और अवसर देंगे कि क्या प्रावधानों में इतनी बड़ी गिरावट के योगदान के बिना परिचालन आय मजबूत हो सकती है।

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