555 दिन और 777 दिन की विशेष परिपक्वता अवधि वाली इंडियन बैंक की जमा योजनाओं पर 23 अक्टूबर, 2026 से 15 आधार अंक अधिक ब्याज मिलेगा। सरकारी क्षेत्र का यह बैंक अपनी इंड ग्रो योजना पर आम ग्राहकों की दर बढ़ाकर 6.80% सालाना और इंड प्रॉस्पर पर 6.75% कर रहा है। संशोधित दरें नई जमाओं और परिपक्व हो रही जमाओं के नवीनीकरण पर लागू होंगी।
मुख्य बातें
- वृद्धि केवल दो विशेष अवधियों तक सीमित है, पूरी खुदरा जमा दर-सूची पर लागू नहीं होती।
- नवीनीकरण से पहले मौजूदा जमाओं पर ऊंची दरें अपने-आप लागू नहीं होंगी।
- प्रबंध निदेशक बिनोद कुमार ने कहा कि विदेशी मुद्रा जमा बढ़ाने के बावजूद बैंक के पास अधिशेष नकदी उपलब्ध नहीं थी।
विषय-सूची
- इंडियन बैंक की जमा योजनाएं: 23 अक्टूबर से क्या बदलेगा
- ऊंची दरें किसे मिलेंगी
- बैंक की अपनी वित्तपोषण जरूरतें और बैंकिंग प्रणाली की नकदी अलग-अलग हैं
- निष्कर्ष
इंडियन बैंक की जमा योजनाएं: 23 अक्टूबर से क्या बदलेगा
555 दिन की इंड ग्रो दर 6.65% से बढ़कर 6.80% हो जाएगी, जबकि 777 दिन की इंड प्रॉस्पर दर 6.60% से बढ़कर 6.75% हो जाएगी। दोनों दरों में 0.15 प्रतिशत अंक की वृद्धि होगी।
इंडियन बैंक की विशेष-अवधि जमा दर-सूची के अनुसार, दोनों योजनाओं में 1,000 रुपये से लेकर 3 करोड़ रुपये से कम तक का निवेश किया जा सकता है। दोनों में सावधि जमा और मनी-मल्टिप्लायर जमा के विकल्प हैं; समय से पहले निकासी बैंक की शर्तों के अधीन है।
यह बदलाव चुनिंदा योजनाओं के लिए है। प्रकाशित दर-सूची में 300 दिन की इंड सुप्रीम 2.0 की दर 6.20% और 500 दिन की इंड ग्रीन की दर 6.40% पर ही है। एक साल की मानक खुदरा सावधि जमा दर भी 6.10% पर बनी हुई है।
| मद | विवरण |
|---|---|
| इंड ग्रो: वरिष्ठ नागरिक | 555 दिन; 23 अक्टूबर, 2026 से 7.30% सालाना। |
| इंड ग्रो: अति वरिष्ठ नागरिक | 555 दिन; 23 अक्टूबर, 2026 से 7.55% सालाना। |
| इंड प्रॉस्पर: वरिष्ठ नागरिक | 777 दिन; 23 अक्टूबर, 2026 से 7.25% सालाना। |
| इंड प्रॉस्पर: अति वरिष्ठ नागरिक | 777 दिन; 23 अक्टूबर, 2026 से 7.50% सालाना। |
ऊंची दरें किसे मिलेंगी
संशोधित दरें नई जमाओं और परिपक्व हो रही जमाओं के नवीनीकरण पर लागू होंगी; सभी मौजूदा जमाओं की दरें फिर से तय नहीं की जाएंगी। इसलिए, जिन ग्राहकों का पैसा इनमें से किसी योजना में पहले से जमा है, उन्हें इस घोषणा को अपनी अनुबंधित ब्याज दर में तत्काल वृद्धि नहीं मानना चाहिए।
बैंक वरिष्ठ नागरिकों और अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग-अलग दरें प्रकाशित करता है। इन दोनों योजनाओं में वरिष्ठ नागरिकों की दर आम ग्राहकों की दर से 0.50 प्रतिशत अंक अधिक है, जबकि अति वरिष्ठ नागरिकों की दर 0.75 प्रतिशत अंक अधिक है। बैंक 80 वर्ष या उससे अधिक आयु वालों को अति वरिष्ठ नागरिक मानता है।
बैंक की अपनी वित्तपोषण जरूरतें और बैंकिंग प्रणाली की नकदी अलग-अलग हैं
प्रबंध निदेशक बिनोद कुमार ने कहा कि दूसरी तिमाही के दौरान 10,000 करोड़ रुपये की बड़ी जमाएं घटाने और सावधि जमा जुटाने की गति धीमी करने के बाद इंडियन बैंक के पास अधिशेष नकदी नहीं थी। नियामकीय विंडो के जरिये बैंक ने विदेशी मुद्रा में अनिवासी बैंक जमाओं के रूप में 2.3 अरब डॉलर, यानी लगभग 21,000 करोड़ रुपये, भी जुटाए।
यह स्थिति व्यापक अंतरबैंक बाजार में मौजूद अधिशेष धनराशि से अलग थी। क्षेत्र-व्यापी FCNR-B जमाओं के रूप में 133 अरब डॉलर जुटाए जाने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने नकदी सोखने के उपाय किए थे। इसलिए, पूरी बैंकिंग प्रणाली में अधिशेष नकदी होने का यह अर्थ नहीं था कि इंडियन बैंक के पास भी अतिरिक्त वित्तपोषण उपलब्ध था।
निष्कर्ष
अगला पुष्ट कदम 23 अक्टूबर, 2026 से ऊंची दरों का लागू होना है। इंडियन बैंक के जमाकर्ताओं के लिए अहम बात यह है कि पैसा नई जमा के तौर पर रखा जा रहा है या उसका नवीनीकरण हो रहा है, क्योंकि मौजूदा अनुबंधों पर वृद्धि अपने-आप लागू नहीं होती।
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