लोक उद्यम विभाग ने सरकारी हेलीकॉप्टर ऑपरेटर पवन हंस से दिसंबर 2026 तक पांच-वर्षीय वित्तीय और संगठनात्मक पुनर्गठन योजना प्रस्तुत करने को कहा है। पहले के निजीकरण प्रयास के विफल होने के बाद पवन हंस की टर्नअराउंड कवायद में बेड़े की दक्षता, परिचालन सुधार और राजस्व के संभावित नए स्रोतों की जांच की जाएगी।

मुख्य बातें

  • पांच-वर्षीय रोडमैप दिसंबर 2026 तक प्रस्तुत करना है और इसमें वित्तीय तथा संगठनात्मक पुनर्गठन शामिल होगा।
  • पर्यटन, आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं और क्षेत्रीय संपर्क उन अवसरों में शामिल हैं जिनका आकलन किया जाएगा।
  • यह कवायद हिस्सेदारी की बिक्री रद्द होने के बाद हो रही है, जबकि बेड़े के आधुनिकीकरण के लिए ₹450 करोड़ आवंटित किए गए हैं।

विषय-सूची

पवन हंस का टर्नअराउंड पांच-वर्षीय रोडमैप पर केंद्रित

लोक उद्यम विभाग ने अक्टूबर 2026 के पहले सप्ताह में यह अनुरोध भेजा था। इससे पहले सितंबर में पवन हंस के प्रबंधन के साथ बैठक हुई थी। अधिकारियों ने बताया कि कंपनी रोडमैप तैयार करने में मदद के लिए एक वरिष्ठ सलाहकार को भी नियुक्त करने की योजना बना रही है।

यह पहल कैबिनेट सचिव टी. वी. सोमनाथन की अध्यक्षता वाली समिति की एक सिफारिश के बाद शुरू हुई है। इस सिफारिश का उद्देश्य उन केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को समर्थन देना है जिनमें देश की मध्यम और दीर्घकालिक वृद्धि के लिए रणनीतिक क्षमता है।

दिसंबर की समय-सीमा योजना प्रस्तुत करने के लिए है, पुनर्गठन पूरा करने के लिए नहीं। इसके दायरे में मौजूदा बेड़े और परिचालन की दक्षता सुधारने के साथ-साथ नए कारोबार क्षेत्रों की पहचान करना भी शामिल है।

मदविवरण
योजना प्रस्तुत करनापांच-वर्षीय रोडमैप के लिए दिसंबर 2026 की समय-सीमा।
पुनर्गठन का दायरावित्तीय और संगठनात्मक बदलाव, परिचालन दक्षता तथा राजस्व के नए स्रोत।
बेड़े के लिए वित्तपोषणआधुनिकीकरण के लिए ₹450 करोड़ आवंटित।
पहले की विनिवेश प्रक्रिया₹211.14 करोड़ में 51% हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव जुलाई 2023 में रद्द कर दिया गया था।

पर्यटन और दूरदराज के क्षेत्रों से संपर्क के अवसरों का आकलन

रोडमैप में हेलीकॉप्टर पर्यटन, धार्मिक पर्यटन, हेलीकॉप्टर आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और क्षेत्रीय संपर्क का आकलन किए जाने की उम्मीद है। हेलीपोर्ट का विकास और दूरदराज तथा कम सेवा वाले गंतव्यों तक सेवाएं भी इसमें शामिल हो सकती हैं।

प्रस्तावित क्षेत्रों में से कई कंपनी की मौजूदा घरेलू हेलीकॉप्टर सेवाओं पर आधारित हैं। इनमें तीर्थयात्रा, चिकित्सा निकासी और RCS UDAN II के तहत दूरदराज के स्थानों के लिए निर्धारित उड़ानें शामिल हैं। कंपनी का यह परिचालन अनुभव विचाराधीन अवसरों की पृष्ठभूमि बताता है, न कि विस्तार की नई प्रतिबद्धताओं की पुष्टि करता है।

अलग से, पवन हंस ने अगस्त 2026 में नॉर्वे की नोएमी एयरोस्पेस के साथ इलेक्ट्रिक सीप्लेन और टिकाऊ विमानन की संभावनाएं तलाशने के लिए एक गैर-बाध्यकारी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता संभावनाओं की पड़ताल के लिए सहयोग दर्शाता है, न कि विमान खरीद की पुष्टि।

रद्द हुई हिस्सेदारी बिक्री के बाद बेड़े में निवेश

सरकार ने मई 2022 में पवन हंस की 51% हिस्सेदारी ₹211.14 करोड़ में खरीदने के लिए स्टार9 मोबिलिटी के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम का चयन किया था। लंबित कानूनी मामलों के बीच जुलाई 2023 में यह विनिवेश प्रक्रिया रद्द कर दी गई।

पवन हंस की निगरानी करने वाले नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बेड़े के आधुनिकीकरण के लिए ₹450 करोड़ आवंटित किए हैं। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स से ध्रुव हेलीकॉप्टर शामिल करने का प्रस्ताव भी स्वदेशी विमानन क्षमताओं को मजबूत करने के सरकार के प्रयास का हिस्सा है; इस प्रस्ताव को आपूर्ति पूरी हो जाने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

लोक उद्यम विभाग वित्त मंत्रालय के अधीन काम करता है और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के प्रदर्शन तथा प्रबंधन के लिए नीतिगत दिशानिर्देश तय करता है।

निष्कर्ष

पवन हंस के टर्नअराउंड की अगली निर्धारित उपलब्धि दिसंबर 2026 तक पांच-वर्षीय योजना प्रस्तुत करना है। उम्मीद है कि रोडमैप में पुनर्गठन की प्राथमिकताएं और वे कारोबारी अवसर बताए जाएंगे जिन पर ऑपरेटर आगे काम करेगा।

और खबरें पढ़ें

FinanceVelix की और खबरें

अस्वीकरण

FinanceVelix का यह लेख सामान्य जानकारी प्रदान करता है, व्यक्तिगत वित्तीय, निवेश, कानूनी या कर संबंधी सलाह नहीं। बाजार भाव, ब्याज दरें और आर्थिक परिस्थितियां बदल सकती हैं; निवेश में नुकसान का जोखिम रहता है। तथ्य प्रकाशन के समय उपलब्ध सामग्री पर आधारित हैं और बदल सकते हैं। महत्वपूर्ण जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें और आवश्यकता पड़ने पर किसी योग्य पेशेवर से सलाह लें। किसी परिसंपत्ति, कंपनी या सेवा का उल्लेख उसका समर्थन नहीं है।