FY27 की दूसरी तिमाही में नुवोको का समेकित आधार पर सालाना मुनाफा 78% बढ़कर ₹64.5 करोड़ हो गया, क्योंकि बिक्री मात्रा में वृद्धि से राजस्व को सहारा मिला। निरमा समूह की सीमेंट इकाई ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए परिचालन से ₹2,790 करोड़ का राजस्व दर्ज किया, जो 13.5% अधिक था।
मुख्य बातें
- शुद्ध मुनाफा राजस्व से तेज़ी से बढ़ा, जबकि EBITDA 11% बढ़कर ₹411 करोड़ हो गया।
- सीमेंट की अधिक बिक्री मात्रा और अधिक प्रीमियम उत्पाद मिश्रण ने कमजोर कीमतों के बावजूद प्रदर्शन को सहारा दिया।
- सूरत में एक ग्राइंडिंग इकाई चालू की गई, जबकि राजस्थान की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना अभी नियोजित है।
विषय-सूची
- नुवोको का मुनाफा परिचालन आय से तेज़ी से बढ़ा
- बिक्री को मात्रा और उत्पाद मिश्रण का सहारा
- सूरत इकाई चालू होने से क्षमता विस्तार आगे बढ़ा
- नवीकरणीय ऊर्जा साझेदारी का लक्ष्य ऊर्जा दक्षता
- निष्कर्ष
नुवोको का मुनाफा परिचालन आय से तेज़ी से बढ़ा
22 अक्टूबर, 2026 को घोषित नतीजों से पता चला कि ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की आय यानी EBITDA तथा राजस्व, दोनों की तुलना में शुद्ध मुनाफा काफी तेज़ी से बढ़ा।
EBITDA 11% बढ़कर ₹411 करोड़ हो गया, जो राजस्व वृद्धि से थोड़ा धीमा था। इसलिए आंकड़े शुद्ध मुनाफे में परिचालन आय की तुलना में अधिक सुधार दिखाते हैं; उपलब्ध जानकारी में इस अंतर का विस्तृत मिलान नहीं दिया गया है।
| मद | विवरण |
|---|---|
| सीमेंट बिक्री मात्रा | Q2 FY27: 4.7 मिलियन टन, सालाना आधार पर 9% अधिक। |
| सीमेंट कारोबार का राजस्व | Q2 FY27: ₹2,510 करोड़, सालाना आधार पर 13% अधिक। |
| रेडी-मिक्स कंक्रीट और अन्य राजस्व | Q2 FY27: ₹293 करोड़, सालाना आधार पर लगभग 14% अधिक। |
बिक्री को मात्रा और उत्पाद मिश्रण का सहारा
नुवोको ने अपने प्रदर्शन का श्रेय प्रीमियम उत्पादों की ओर बढ़ते रुझान और बिक्री के भौगोलिक मिश्रण में सुधार को दिया। इनसे सीमेंट की कमजोर कीमतों के बावजूद प्राप्ति को सहारा मिला। सीमेंट कारोबार और रेडी-मिक्स कंक्रीट व अन्य कारोबार, दोनों का राजस्व बढ़ा।
प्रबंध निदेशक जयकुमार कृष्णस्वामी ने कहा कि प्रमुख बाजारों में तेज़ और अनियमित बारिश, लॉजिस्टिक्स व आपूर्ति-श्रृंखला में व्यवधान और ऊंची इनपुट लागत ने परिचालन के माहौल पर दबाव डाला। इस तरह बिक्री का मजबूत प्रदर्शन लागत और वितरण संबंधी लगातार दबावों के बीच आया।
सूरत इकाई चालू होने से क्षमता विस्तार आगे बढ़ा
तिमाही के दौरान नुवोको ने सूरत स्थित अपने लिमला सीमेंट प्लांट में सालाना 2 मिलियन टन क्षमता वाली ग्राइंडिंग इकाई चालू की, जिससे पश्चिमी भारत में उसकी उपस्थिति मजबूत हुई।
पूरी हुई यह इकाई FY28 तक सालाना सीमेंट क्षमता 35 मिलियन टन करने के व्यापक विस्तार कार्यक्रम का हिस्सा है। यह कुल क्षमता अभी एक लक्ष्य है, मौजूदा क्षमता नहीं। नुवोको ने कहा कि उसकी प्राथमिकताओं में कच्छ और सचाना में वडराज सीमेंट परियोजना के शेष मॉड्यूल पूरे करना, साथ ही आपूर्ति-श्रृंखला की दक्षता और प्रीमियम उत्पादों पर ध्यान देना शामिल है।
नवीकरणीय ऊर्जा साझेदारी का लक्ष्य ऊर्जा दक्षता
क्लीनमैक्स की 29 सितंबर, 2026 की राजस्थान पवन-सौर साझेदारी संबंधी घोषणा में 46.4 MW की परियोजना का विवरण दिया गया है। इसमें 20 MW पवन और 26.4 MWp सौर क्षमता के साथ 2 MWh की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली शामिल है।
परिचालन शुरू होने पर इस परियोजना से सालाना लगभग 100 मिलियन यूनिट नवीकरणीय बिजली पैदा होने की उम्मीद है। कंपनियों को उम्मीद है कि इससे पारंपरिक बिजली पर नुवोको की निर्भरता घटेगी और दीर्घकालिक ऊर्जा लागत दक्षता बेहतर होगी; ये संभावित लाभ हैं, रिपोर्ट किए गए तिमाही नतीजों का हिस्सा नहीं।
निष्कर्ष
नुवोको के अगले क्रियान्वयन पड़ाव वडराज परियोजना के शेष मॉड्यूल और नियोजित नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना हैं, जबकि कंपनी FY28 के क्षमता लक्ष्य की दिशा में काम कर रही है। इनकी प्रगति से पूरा हो चुका विस्तार और आगे मिलने की उम्मीद वाले लाभ अलग-अलग स्पष्ट होंगे।
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