पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए नए कूटनीतिक प्रयासों की खबरों के बीच 27 अक्टूबर, 2026 की सुबह कच्चे तेल के वायदा भाव नीचे कारोबार कर रहे थे। सुबह 10:03 बजे दिसंबर ब्रेंट वायदा 0.98% गिरकर $114.66 प्रति बैरल पर था, जबकि दिसंबर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट वायदा 0.99% गिरकर $100.75 प्रति बैरल पर आ गया।
अंतरराष्ट्रीय और भारतीय बाजारों में कच्चे तेल के वायदा भाव में गिरावट
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में शुरुआती घंटे के दौरान भारतीय कच्चे तेल के अनुबंधों में भी गिरावट आई। नवंबर वायदा ₹9,604 पर कारोबार कर रहा था, जबकि पिछला बंद भाव ₹9,723 था। वहीं, दिसंबर वायदा ₹9,567 के मुकाबले ₹9,460 पर था।
ये भाव सुबह के कारोबार को दर्शाते हैं, न कि समापन निपटान भावों को। अंतरराष्ट्रीय अनुबंध दिसंबर डिलीवरी के लिए थे, जबकि भारतीय आंकड़ों में नवंबर और दिसंबर, दोनों शामिल थे।
ICE के ब्रेंट वायदा अनुबंध विनिर्देश में अनुबंध का आकार 1,000 बैरल बताया गया है, और इसका भाव प्रति बैरल अमेरिकी डॉलर और सेंट में उद्धृत होता है। ये विनिर्देश बेंचमार्क की कारोबार इकाइयों की जानकारी देते हैं, न कि 27 अक्टूबर के बाजार भावों की पुष्टि।
| मद | विवरण |
|---|---|
| MCX नवंबर कच्चा तेल वायदा | 27 अक्टूबर के शुरुआती कारोबार में ₹9,604; पिछले बंद भाव ₹9,723 से 1.22% नीचे। |
| MCX दिसंबर कच्चा तेल वायदा | 27 अक्टूबर के शुरुआती कारोबार में ₹9,460; पिछले बंद भाव ₹9,567 से 1.12% नीचे। |
कूटनीतिक खबरों के साथ सुरक्षा जोखिम भी बने रहे
बताया गया कि सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये ने 26 अक्टूबर को तेहरान में ईरानी अधिकारियों के साथ चर्चा की। सऊदी अरब ने सैन्य तनाव के फिर बढ़ने से रोकने के लिए बातचीत के रास्ते खुले रखने का आग्रह किया। इन वार्ताओं की खबरें कीमतों में गिरावट की पृष्ठभूमि में थीं, लेकिन उपलब्ध जानकारी से यह तय नहीं होता कि इस गिरावट में उनका कितना योगदान था।
सुरक्षा जोखिम अनसुलझे रहे। हूतियों ने 26 अक्टूबर को कहा कि उन्होंने सऊदी अरब में ईस्ट-वेस्ट कच्चे तेल की पंपिंग स्टेशनों और रियाद हवाई अड्डे पर हमला किया था। यह हमलों का दावा था, न कि नुकसान या तेल आपूर्ति में रुकावट की पुष्टि।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने भी 26 अक्टूबर को आगाह किया कि 2027 में ऊर्जा बाजारों के युद्ध-पूर्व स्थितियों में लौटने की संभावना नहीं है। सिंगापुर इंटरनेशनल एनर्जी वीक में बोलते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें अगले वर्ष उन स्थितियों में लौटने का कोई विश्वसनीय रास्ता नहीं दिखता। उनका आकलन बाजार के दीर्घकालिक परिदृश्य से संबंधित था, न कि सुबह आई गिरावट के कारण से।
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