27 अक्टूबर, 2026 को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 3 पैसे मजबूत होकर 95.12 के अस्थायी स्तर पर बंद हुआ। कारोबारियों ने फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले से पहले कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी मुद्रा की मजबूती का आकलन किया।

मुख्य बातें

  • सत्र के दौरान रुपये ने प्रति डॉलर 95.09 से 95.24 के बीच कारोबार किया।
  • मिराए एसेट शेयरखान के एक विश्लेषक ने भारतीय रिजर्व बैंक के संभावित हस्तक्षेप का उल्लेख किया, हालांकि हस्तक्षेप की पुष्टि नहीं हुई।

रुपये की विनिमय दर में मामूली सुधार

अंतरबैंक बाजार में रुपया प्रति डॉलर 95.17 पर खुला और 95.12 पर बंद हुआ। सोमवार को यह 22 पैसे गिरकर 95.15 पर बंद हुआ था, जो लगातार तीसरी दैनिक गिरावट थी।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने मंगलवार की मामूली बढ़त का कुछ श्रेय भारतीय रिजर्व बैंक के संभावित हस्तक्षेप को दिया। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, कमजोर घरेलू बाजारों और अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने रुपये की बढ़त सीमित की।

तेल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली पर नजर

ब्रेंट क्रूड वायदा 0.07% गिरकर 115.73 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, लेकिन छह महीने के उच्च स्तर के करीब था। अमेरिकी मुद्रा को छह अन्य मुद्राओं के मुकाबले मापने वाला डॉलर सूचकांक 0.06% बढ़कर 101.86 पर था।

एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को भारतीय शेयरों में शुद्ध रूप से ₹1,462.49 करोड़ की बिकवाली की। चौधरी को रुपये में नकारात्मक रुझान के साथ कारोबार की उम्मीद थी और उन्होंने हाजिर दर के लिए प्रति डॉलर 94.85 से 95.50 की सीमा का अनुमान जताया; यह विश्लेषक का अनुमान है, सुनिश्चित परिणाम नहीं।

अगला अहम पड़ाव

नजर में अगली पुष्ट घटना अमेरिकी फेडरल रिजर्व का नीतिगत फैसला है।

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