मंगलवार, 27 अक्टूबर, 2026 को रुपये की विनिमय दर 95.12 प्रति अमेरिकी डॉलर पर बंद हुई, जो पिछले सप्ताह के मुकाबले 19 पैसे कमजोर थी। यह गिरावट डॉलर के मजबूत होने और कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बने रहने के बीच आई।

मुख्य बातें

  • NSDL के आंकड़ों के अनुसार, बीते सप्ताह शुद्ध विदेशी पोर्टफोलियो निवेश प्रवाह लगभग $510 मिलियन रहा।
  • ब्रेंट क्रूड वायदा लगभग $111 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जबकि डॉलर सूचकांक 102.20 पर था।

रुपये की विनिमय दर और विदेशी पूंजी प्रवाह

विदेशी पोर्टफोलियो निवेश प्रवाह लगातार दूसरे सप्ताह सकारात्मक रहा। NSDL के आंकड़ों के अनुसार, इस प्रवाह से अक्टूबर के लिए संचयी शुद्ध निकासी घटकर लगभग $3.8 बिलियन रह गई।

कच्चे तेल की ऊंची कीमतें रुपये के लिए चिंता का विषय हैं, क्योंकि भारत तेल आयात पर निर्भर है। साप्ताहिक मुद्रा उतार-चढ़ाव डॉलर की मजबूती और तेल की ऊंची कीमतों के साथ हुआ, हालांकि उपलब्ध आंकड़ों से इनके अलग-अलग प्रभावों का पता नहीं लगाया जा सकता।

डॉलर और ट्रेजरी यील्ड

संक्षिप्त सुधार के बाद फिर से बढ़त शुरू होने के पश्चात डॉलर सूचकांक 102.20 पर कारोबार कर रहा था। अमेरिका की 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड लगभग 5% थी, जो अक्टूबर की शुरुआत में 5.37% थी।

बुधवार को फेडरल रिज़र्व के मौद्रिक नीति संबंधी फैसले पर ध्यान केंद्रित हो रहा था। व्यापक रूप से अपेक्षा थी कि केंद्रीय बैंक अपनी बेंचमार्क ब्याज दर 3.75%–4% पर अपरिवर्तित रखेगा।

अगला अहम पड़ाव

नज़र रखने के लिए अगला निर्धारित घटनाक्रम 28 अक्टूबर को फेडरल रिज़र्व का नीतिगत फैसला है।

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