भारत-मेक्सिको व्यापार वार्ता 27 अक्टूबर, 2026 वाले सप्ताह में औपचारिक रूप से शुरू होने वाली है। दोनों देश सीमित वस्तुओं को शामिल करने वाले तरजीही समझौते पर काम कर रहे हैं। ये वार्ताएँ उन देशों पर मैक्सिको द्वारा टैरिफ़ बढ़ाए जाने के बाद हो रही हैं जिनके साथ उसके व्यापार समझौते नहीं हैं; इनमें भारत भी शामिल है।

ढाँचा तय करने के लिए भारत-मेक्सिको व्यापार वार्ता

भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल दो दिवसीय दौरे पर मेक्सिको सिटी में हैं। इस दौरान दोनों देशों की वार्ता के लिए कार्यक्षेत्र की शर्तों पर हस्ताक्षर करने की योजना है। अग्रवाल ने कहा कि इस दौरे में मैक्सिकन सरकार और कारोबारी समुदाय के साथ बैठकें भी होंगी।

प्रस्तावित तरजीही व्यापार समझौते के तहत चुनिंदा उत्पादों पर टैरिफ़ में रियायतें दी जाएँगी; इसका दायरा व्यापक मुक्त व्यापार समझौते जितना विस्तृत नहीं होगा। वार्ताओं से अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ है।

बढ़े हुए शुल्क से भारतीय निर्यात प्रभावित

मैक्सिको की टैरिफ़ बढ़ोतरी 1 जनवरी, 2026 से लागू हुई। 1,463 टैरिफ़ वर्गीकरणों पर शुल्क 5% से 50% तक हैं। प्रभावित क्षेत्रों में ऑटोमोबाइल, कपड़ा, प्लास्टिक, इस्पात, रसायन और इंजीनियरिंग वस्तुएँ शामिल हैं। यात्री वाहनों पर आयात शुल्क बढ़कर 50% तक पहुँच गया है।

भारत ने 2025–26 में मेक्सिको को 5.73 अरब डॉलर का माल निर्यात किया, जिसमें लगभग 1.92 अरब डॉलर के ऑटोमोबाइल शामिल थे। कुल द्विपक्षीय माल व्यापार लगभग 7.83 अरब डॉलर रहा।

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