26 अक्टूबर, 2026 को तेहरान में मक्का समझौते पर हुई वार्ता इस सहमति के साथ समाप्त हुई कि ईरान, सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान सहयोग पर, विशेषकर शांति और सुरक्षा के क्षेत्र में, चर्चा जारी रखेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य पश्चिम एशिया में युद्ध को फिर से शुरू होने से रोकना था।
मक्का समझौते पर वार्ता के लिए अधिकारी तेहरान पहुंचे
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा संकट को कम करने के प्रयासों के तहत मक्का समझौते के तीन देशों के अधिकारी ईरान गए। अगस्त में मक्का में रक्षा गठबंधन बनाने के बाद तेहरान की यह उनकी पहली संयुक्त यात्रा थी।
सऊदी रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान ने देश का प्रतिनिधित्व किया, जबकि पाकिस्तान ने सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और तुर्की ने खुफिया प्रमुख इब्राहिम कालिन को भेजा। ईरानी सरकारी मीडिया ने बैठकों में राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान, विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रज़ाई को उपस्थित दिखाया।
सऊदी अरब को हूतियों के हमलों का सामना
यह वार्ता यमन के ईरान-समर्थित हूतियों द्वारा सऊदी अरब पर कई हफ्तों तक किए गए हमलों के बाद हुई। रियाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मिसाइल हमले में 13 लोग मारे गए।
मिस्र ने भी सऊदी अरब को सैन्य सहायता देने की मंजूरी दी। तेहरान में हुई बैठकों में शामिल चारों देशों ने वार्ता जारी रखने पर सहमति जताई, हालांकि अगली बैठक की कोई तारीख घोषित नहीं की गई।
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