मुंबई के कार डीलरों को लग्जरी वाहनों के कथित अंतरराज्यीय पंजीकरण पर सफाई देने के लिए सात दिन का समय दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इन पंजीकरणों के जरिए महाराष्ट्र के ऊंचे मोटर वाहन करों से बचा गया हो सकता है। 25 अक्टूबर 2026 तक क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों ने 19 डीलरों को कारण बताओ नोटिस जारी किए थे और 287 वाहनों को जांच के लिए चिह्नित किया था।

मुख्य बातें

  • नोटिस जारी होने का मतलब यह नहीं है कि किसी डीलर का लाइसेंस पहले ही निलंबित या रद्द कर दिया गया है।
  • अधिकारियों का आरोप है कि कुछ पंजीकरण दस्तावेजों में खरीदारों के दीव या दमन में रहने या वहां कारोबार करने का झूठा दावा किया गया।
  • वाहनों के पंजीकरण और उपयोग के आधार पर मालिकों पर कर निर्धारण हो सकता है।

मुंबई के कार डीलरों को नोटिस क्यों मिले

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों का आरोप है कि कुछ डीलर नए वाहनों का अस्थायी पंजीकरण पहले मुंबई में कराते थे और फिर दीव और दमन में स्थायी पंजीकरण करवाते थे, जहां वाहन कर कम हैं। आरोप है कि कुछ डीलरों ने इस बात के प्रमाण के रूप में मनगढ़ंत लीव-एंड-लाइसेंस समझौते जमा किए कि खरीदार वहां रहते थे या कारोबार करते थे, जबकि वाहनों की डिलीवरी महाराष्ट्र में हुई और उन्हें वहीं चलाया गया।

परिवहन आयुक्त राजेश नार्वेकर ने कहा कि शोरूम ने खरीदारों को उनकी कर देनदारियों के बारे में गुमराह किया था। नोटिसों के जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर डीलरों के व्यापार लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं; लाइसेंस रद्द होने की अभी पुष्टि नहीं हुई है।

क्षेत्रविवरण
दक्षिण मुंबई68 लग्जरी वाहन जांच के लिए चिह्नित
पूर्वी उपनगरकुर्ला और मुलुंड/मानखुर्द के बीच 104 वाहन जांच के लिए चिह्नित
पश्चिमी उपनगरबांद्रा और दहिसर के बीच 115 वाहन जांच के लिए चिह्नित

जांच के पीछे करों का अंतर

महाराष्ट्र में निजी पेट्रोल कारों पर एकमुश्त मोटर वाहन कर की अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये है। आरटीओ अधिकारियों ने दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव में 10 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली पेट्रोल कारों पर 3% की दर का उल्लेख किया।

काल्पनिक तौर पर 2 करोड़ रुपये की पेट्रोल एसयूवी के लिए, इन आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र में 20 लाख रुपये और दीव तथा दमन में 6 लाख रुपये कर बनता है—यानी 14 लाख रुपये का अंतर। यह उदाहरण किसी खास वाहन पर बचाए गए कर की पुष्टि की गई राशि नहीं है।

मालिकों के लिए इस कार्रवाई का क्या अर्थ है

तत्काल नोटिस डीलरों को दिए गए हैं, लेकिन महाराष्ट्र के बाहर पंजीकृत और मुख्य रूप से राज्य में इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों के मालिकों से भी उनके कर और पंजीकरण के बारे में पूछताछ हो सकती है। अधिकारी लागू महाराष्ट्र करों की वसूली करना चाहते हैं, जिसमें देय कोई भी अंतर शामिल है। कुछ मालिकों को पहले ही चालान और कर निर्धारण नोटिस जारी किए जा चुके हैं।

आरटीओ की किसी पूछताछ के लिए मालिक खरीद की रसीद, पंजीकरण प्रमाणपत्र, बीमा, पते के दस्तावेज और डीलर द्वारा दिए गए पंजीकरण के कागजात तैयार रख सकते हैं। अतिरिक्त कर देना होगा या नहीं, यह हर मामले के तथ्यों और परिवहन विभाग के आकलन पर निर्भर करता है।

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