सितंबर 2026 में जापान की मुद्रास्फीति तेज हुई। कोर उपभोक्ता कीमतें एक साल पहले की तुलना में 2.1% बढ़ीं, जो नौ महीनों में पहली बार बैंक ऑफ जापान के 2% लक्ष्य से ऊपर थीं। 23 अक्टूबर को जारी सरकारी आंकड़ों के बाद मौद्रिक नीति को और सख्त करने पर नए सिरे से ध्यान गया। केंद्रीय बैंक ने सितंबर में ब्याज दरें बढ़ाई थीं।
मुख्य बातें
- कोर मुद्रास्फीति अगस्त के 1.7% से बढ़कर 2.1% हो गई, जो बाजार के औसत पूर्वानुमान के अनुरूप थी।
- ताजा खाद्य पदार्थों और ईंधन, दोनों को छोड़कर मापी गई मुद्रास्फीति तेज होकर 2.4% हो गई, जिससे संकेत मिलता है कि वृद्धि केवल ऊर्जा तक सीमित नहीं थी।
- सितंबर में ब्याज दर बढ़ाने के बाद, अगली बैठक में BOJ से नीति स्थिर रखने की अपेक्षा है।
विषय-सूची
- ईंधन से आगे जापान की मुद्रास्फीति मजबूत
- दर वृद्धि के बाद मुद्रास्फीति के मजबूत आंकड़े का सामना कर रहा BOJ
- निष्कर्ष
ईंधन से आगे जापान की मुद्रास्फीति मजबूत
जापान का कोर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) अस्थिर ताजा खाद्य पदार्थों की कीमतों को बाहर रखता है, लेकिन इसमें ईंधन शामिल है। सितंबर में इसकी सालाना वृद्धि 0.4 प्रतिशत अंक तेज हुई, जिससे यह फिर केंद्रीय बैंक के लक्ष्य से ऊपर पहुंच गई।
ताजा खाद्य पदार्थों और ईंधन, दोनों को छोड़कर एक अलग माप एक साल पहले की तुलना में 2.4% बढ़ा, जबकि अगस्त में यह 1.9% था। अंतर्निहित मूल्य दबाव के संकेतों के लिए BOJ इस माप पर बारीकी से नजर रखता है। इसकी तेजी महत्वपूर्ण है, क्योंकि केवल ईंधन की ऊंची कीमतें दोनों आंकड़ों में मजबूती की व्याख्या नहीं कर सकतीं।
लंबे समय से जारी मध्य पूर्व संघर्ष से जुड़ी ऊर्जा लागत में वृद्धि, कमजोर येन के कारण आयात कीमतों पर दबाव और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े उत्पादों की मजबूत मांग इस आंकड़े की पृष्ठभूमि में थे। सरकारी ईंधन सब्सिडी से परिवारों को राहत मिलती रही, लेकिन इससे मुद्रास्फीति की तेजी नहीं रुकी।
| मद | विवरण |
|---|---|
| कोर CPI, सालाना | सितंबर 2026 में 2.1%, जबकि अगस्त में 1.7% था। |
| ताजा खाद्य पदार्थों और ईंधन को छोड़कर CPI, सालाना | सितंबर 2026 में 2.4%, जबकि अगस्त में 1.9% था। |
| BOJ की प्रमुख ब्याज दर | सितंबर 2026 में बढ़ाकर 1.25% की गई। |
दर वृद्धि के बाद मुद्रास्फीति के मजबूत आंकड़े का सामना कर रहा BOJ
बैंक ऑफ जापान का मूल्य स्थिरता लक्ष्य उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में साल-दर-साल 2% बदलाव के रूप में परिभाषित है। यह नीति ढांचा मुद्रास्फीति का आकलन करने का मानदंड देता है; इसका अर्थ यह नहीं कि किसी एक महीने के आंकड़े से दर बदलना अपने-आप तय हो जाता है।
BOJ ने सितंबर में अपनी प्रमुख ब्याज दर बढ़ाकर 1.25% कर दी, जो 31 वर्षों का उच्चतम स्तर है। गवर्नर काज़ुओ उएदा ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व संघर्ष के दबाव, येन की कमजोरी और AI से जुड़ी तेज मांग के बढ़ने के साथ अंतर्निहित मुद्रास्फीति लक्ष्य से ऊपर जा सकती है।
इसके बावजूद, 23 अक्टूबर को आंकड़े जारी होने के बाद वाले सप्ताह में होने वाली बैठक में केंद्रीय बैंक से नीति अपरिवर्तित रखने की अपेक्षा है। यह कोई घोषित निर्णय नहीं है: सितंबर के मजबूत मुद्रास्फीति आंकड़ों के बाद आगे ब्याज दरें बढ़ाने का सवाल चर्चा में बना हुआ है।
निष्कर्ष
अगला अहम पड़ाव 23 अक्टूबर के बाद वाले सप्ताह में BOJ की नीतिगत बैठक है। उसका निर्णय और साथ में जारी वक्तव्य बताएंगे कि नीति निर्माता हालिया दर वृद्धि के बाद सितंबर में मुद्रास्फीति के व्यापक रूप से तेज होने को किस तरह तौलते हैं।
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