DIPAM सचिव अरुणिश चावला ने 22 अक्टूबर, 2026 को कहा कि IDBI Bank की बिक्री के बाद भारत सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) बोर्ड में प्रतिनिधित्व के बिना सार्वजनिक शेयरधारक बने रहेंगे। कनाडा की Fairfax Financial Holdings को लगभग ₹53,000 करोड़ में 60.72% हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव भारतीय रिज़र्व बैंक की मंजूरी के अधीन है।

मुख्य बातें

  • सरकार और LIC की योजना है कि वे प्रत्येक 15% से अधिक हिस्सेदारी न रखें और बोर्ड में प्रतिनिधित्व छोड़ दें।
  • Fairfax, IDBI Bank के प्रबंधन और आवश्यकता पड़ने पर पूंजी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी लेगा।
  • शेयर खरीद समझौते से पहले RBI की मंजूरी जरूरी है; सौदा 31 मार्च, 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

विषय-सूची

IDBI Bank की बिक्री से स्वामित्व और नियंत्रण अलग होंगे

निवेश और सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग के सचिव चावला ने कहा कि रणनीतिक पुनर्गठन के बाद सरकार और LIC, दोनों सार्वजनिक शेयरधारक बनना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इस दर्जे के लिए दोनों की हिस्सेदारी 15% से अधिक नहीं होनी चाहिए और बैंक के बोर्ड में कोई सीट नहीं होनी चाहिए।

प्रस्तावित ढांचे के तहत दोनों विक्रेता बैंक चलाने की जिम्मेदारी के बजाय अल्पांश हिस्सेदारी रखेंगे। चावला ने कहा कि प्रबंधन और भविष्य में पूंजी सहायता की जिम्मेदारी रणनीतिक खरीदार Fairfax की होगी।

मदविवरण
बेची जा रही सरकारी हिस्सेदारी30.48%, मूल्य लगभग ₹26,620 करोड़
बेची जा रही LIC की हिस्सेदारी30.24%, मूल्य लगभग ₹26,440 करोड़
Fairfax का खरीद मूल्यप्रति शेयर ₹81

LIC को हिस्सेदारी और घटानी होगी

चावला ने कहा कि बाजार नियामक ने LIC को लेन-देन के बाद अनुमानित हिस्सेदारी 19% से घटाकर 15% करने का निर्देश दिया है। चार प्रतिशत अंक की यह अतिरिक्त कमी खुदरा निवेशकों और अन्य सार्वजनिक शेयरधारकों के लिए उपलब्ध शेयरों की संख्या बढ़ाएगी।

सरकार ने 22 अक्टूबर से पहले वाले सप्ताह में Fairfax के प्रस्तावित सौदे को मंजूरी दी। सौदे का प्रतिफल सरकार और LIC, दोनों द्वारा बेची जा रही हिस्सेदारियों के लिए है; यह उस पूंजी से अलग है, जो खरीदार को बाद में बैंक में लगाने की जरूरत पड़ सकती है।

हस्ताक्षर और खुली पेशकश से पहले RBI की समीक्षा

चावला ने कहा कि Fairfax को RBI के समक्ष तकनीकी दस्तावेज़ और अपनी पात्रता-संबंधी जानकारी जमा करनी होगी, जिसमें अतिरिक्त अनुपालन और नियामकीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जरूरी सूचना भी शामिल है। RBI की मंजूरी के बाद शेयर खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

समझौते पर हस्ताक्षर के बाद, लागू नियमों के तहत रणनीतिक खरीदार को अल्पांश शेयरधारकों के लिए खुली पेशकश करनी होगी। इससे उन शेयरधारकों को अपने शेयर देने का अवसर मिलेगा; नए नियंत्रणकारी मालिक के अधीन निवेश बनाए रखना उनके लिए अनिवार्य नहीं होगा।

चावला ने कहा कि चालू वित्त वर्ष के अंत से पहले लेन-देन पूरा होने की उम्मीद है। यह वित्त वर्ष 31 मार्च, 2027 को समाप्त होता है। यह अभी लक्ष्य है, पूरा हो चुका हस्तांतरण नहीं।

2022 में शुरू हुई बिक्री प्रक्रिया

सरकार के नवंबर 2022 के विनिवेश नोटिस में प्रबंधन नियंत्रण के हस्तांतरण सहित बिक्री की रूपरेखा दी गई थी और दर्ज किया गया था कि रुचि-पत्र ज्ञापन 7 अक्टूबर, 2022 को प्रकाशित हुआ था। यह ऐतिहासिक नोटिस मूल लेन-देन ढांचे को स्थापित करता है, न कि बाद में Fairfax के चयन या मौजूदा नियामकीय स्थिति को।

2026 की शुरुआत में शुरुआती बोलियां सरकार के आरक्षित मूल्य से कम रहने पर प्रक्रिया को झटका लगा था। नवीनतम प्रस्ताव सरकार और LIC को छोटी हिस्सेदारियां बनाए रखने देते हुए नियंत्रण हस्तांतरित करने के प्रयास को आगे बढ़ाता है।

निष्कर्ष

IDBI Bank की बिक्री का अगला पड़ाव Fairfax की पात्रता की RBI समीक्षा है। मंजूरी मिलने पर पक्षकार खरीद समझौते पर हस्ताक्षर कर सकेंगे और अल्पांश शेयरधारकों के लिए आवश्यक खुली पेशकश की दिशा में आगे बढ़ेंगे।

और खबरें पढ़ें

FinanceVelix की और खबरें

अस्वीकरण

यह FinanceVelix लेख सामान्य जानकारी प्रदान करता है, व्यक्तिगत वित्तीय, निवेश, कानूनी या कर-संबंधी सलाह नहीं। बाजार भाव, ब्याज दरें और आर्थिक परिस्थितियां बदल सकती हैं; निवेश में नुकसान का जोखिम होता है। तथ्य प्रकाशन के समय उपलब्ध सामग्री पर आधारित हैं और बदल सकते हैं। महत्वपूर्ण जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें और जरूरत पड़ने पर किसी योग्य पेशेवर से सलाह लें। किसी परिसंपत्ति, कंपनी या सेवा का उल्लेख समर्थन नहीं माना जाना चाहिए।