भारत में Coca-Cola की दूसरी सबसे बड़ी बॉटलर SLMG Beverages का लक्ष्य पांच वर्षों के भीतर सालाना कारोबार को बढ़ाकर 20,000 करोड़ रुपये करना है। फिलहाल यह लगभग 9,000 करोड़ रुपये है। कंपनी तीन से चार वर्षों में शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की भी योजना बना रही है। संयुक्त प्रबंध निदेशक Paritosh Ladhani ने अक्टूबर 2026 में इन लक्ष्यों की जानकारी दी, जब कंपनी उत्तर प्रदेश और बिहार में विनिर्माण तथा वितरण का विस्तार कर रही है।

मुख्य बातें

  • प्रबंधन का लक्ष्य तीन वर्षों में कारोबार 15,000 करोड़ रुपये से अधिक और पांच वर्षों में 20,000 करोड़ रुपये से अधिक करना है।
  • SLMG बॉटलिंग परिचालन का विस्तार करते हुए IPO की योजना बना रही है; शेयर बाजार में सूचीबद्ध होना भविष्य की योजना है।
  • निवेश में बक्सर में पहले ही खर्च किए जा चुके लगभग 1,200 करोड़ रुपये और गोरखपुर में प्रस्तावित 1,000 करोड़ रुपये का संयंत्र शामिल है।

विषय-सूची

SLMG Beverages ने पांच-वर्षीय वृद्धि लक्ष्य तय किया

लखनऊ स्थित बॉटलर को उम्मीद है कि अगले वर्ष कारोबार 10,000 करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगा और इसके बाद तीन वर्षों में यह 15,000 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच जाएगा। पांच-वर्षीय लक्ष्य मौजूदा लगभग 9,000 करोड़ रुपये के सकल कारोबार को दोगुने से अधिक करने का है।

Ladhani ने कहा कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में लगभग 25% वृद्धि दर्ज की और पिछले चार वर्षों में 20% से अधिक की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर हासिल की। ये आंकड़े बीते प्रदर्शन को दर्शाते हैं; कारोबार के लक्ष्य और प्रस्तावित शेयर बाजार लिस्टिंग प्रबंधन की योजनाएं हैं, पूरे हो चुके परिणाम नहीं।

SLMG के पास उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड के साथ-साथ मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में Coca-Cola की बॉटलिंग के अधिकार हैं। प्रबंधन को खासकर छोटे शहरों और ग्रामीण बाजारों में खपत बढ़ाने की गुंजाइश दिखती है और कंपनी विदेशों में अवसरों की भी तलाश कर रही है।

मदविवरण
मौजूदा बॉटलिंग क्षमतालगभग 35,000 बोतल प्रति मिनट
पांच वर्षों में नियोजित क्षमता वृद्धिअतिरिक्त 10,000 बोतल प्रति मिनट
दस वर्षों की क्षमता महत्वाकांक्षा100,000 बोतल प्रति मिनट

बक्सर का निवेश और गोरखपुर का निर्माण विस्तार की अगुवाई में

SLMG बिहार में अपनी बक्सर इकाई पर पहले ही लगभग 1,200 करोड़ रुपये का निवेश कर चुकी है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में प्रस्तावित संयंत्र का निर्माण शुरू हो गया है, जिसके लिए लगभग 1,000 करोड़ रुपये की जरूरत होने की उम्मीद है।

कंपनी के संयंत्रों के स्थान और लाइसेंस का विवरण उत्तर प्रदेश और बिहार में उसकी विनिर्माण मौजूदगी बताता है। इसमें बाराबंकी, अमेठी, पटना और बक्सर की इकाइयां शामिल हैं। यह मौजूदा मौजूदगी दोनों राज्यों में प्रस्तावित विस्तार की पृष्ठभूमि देती है।

मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बॉटलिंग इकाइयों के लिए जमीन भी अधिग्रहित की गई है। Ladhani ने कहा कि वहां निर्माण जल्द शुरू होगा। बिहार में दूसरा संयंत्र 2027 के बाद प्रस्तावित है।

SLMG ने पहले उत्तर प्रदेश और बिहार में 5,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की थी। Ladhani ने कहा कि कंपनी को अगले तीन वर्षों में इस प्रतिबद्धता से अधिक निवेश करने की उम्मीद है। यह व्यापक खर्च लक्ष्य पहले ही पूरा किए जा चुके निवेश से अलग है।

क्षमता और कूलिंग से बिक्री लक्ष्यों को समर्थन

नई फैक्ट्रियों के अलावा, SLMG उन बाजारों में उपलब्धता बेहतर करने के लिए वितरण और कूलिंग उपकरणों में निवेश कर रही है जिन्हें कंपनी कम पहुंच वाला मानती है। केवल उत्पादन बढ़ाने से अधिक खुदरा दुकानों तक ठंडे पेय पहुंचाने की जरूरत पूरी नहीं होती।

कंपनी ने पिछले वर्ष कूलिंग उपकरणों पर 60–70 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए। Ladhani ने कहा कि खुदरा विक्रेताओं को वित्तपोषण की पहल शामिल करने पर कुल निवेश 100 करोड़ रुपये से अधिक होगा।

प्रबंधन अगले पांच वर्षों में SLMG को दुनिया की शीर्ष 15 Coca-Cola बॉटलरों की सूची से शीर्ष 10 में और एक दशक में शीर्ष पांच में पहुंचाना चाहता है। ये उत्पादन लक्ष्यों के साथ रखी गई महत्वाकांक्षाएं हैं, पहले से हासिल रैंकिंग नहीं।

निष्कर्ष

SLMG Beverages की वृद्धि योजना में बिक्री के ऊंचे लक्ष्य, नए संयंत्र और खुदरा स्तर पर व्यापक उपलब्धता शामिल हैं। आगे देखने योग्य प्रमुख पड़ाव गोरखपुर में निर्माण की प्रगति और उत्तर प्रदेश की अतिरिक्त जगहों पर काम शुरू करने की योजना है।

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