सार्वजनिक क्षेत्र के ऋणदाता सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने 25 अक्टूबर, 2026 को कहा कि उसके स्थानीय RTGS सर्वर इंटरफ़ेस में तकनीकी समस्या आने के बाद सभी चैनलों पर RTGS सेवाएँ फिर से शुरू हो गई हैं। बैंक ने कहा कि किसी ग्राहक खाते पर असर नहीं पड़ा और उसका कोर बैंकिंग सिस्टम सुरक्षित बना रहा।

मुख्य बातें

  • सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने कहा कि सभी चैनलों पर RTGS लेनदेन फिर शुरू हो गए हैं।
  • बैंक ने तकनीकी समस्या का पता अपने RTGS इंटरफ़ेस परिवेश में लगाया और कहा कि ग्राहक खाते अप्रभावित रहे।
  • पुलिस शिकायत का संबंध भारतीय रिज़र्व बैंक के पास बैंक के निपटान खाते से हस्तांतरित ₹13.9 करोड़ से था।

विषय-सूची

स्थानीय इंटरफ़ेस समस्या के बाद RTGS सेवाएँ बहाल

बैंक के 25 अक्टूबर के बयान में समस्या को बैंक द्वारा संचालित स्थानीयकृत RTGS सर्वर के इंटरफ़ेस परिवेश में आई तकनीकी समस्या बताया गया। बैंक ने अलग से ग्राहकों को आश्वस्त किया कि उसका कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS) सुरक्षित बना रहा।

यह अंतर महत्वपूर्ण है: बैंक ने अपने भुगतान-प्रणाली इंटरफ़ेस में समस्या की पहचान की, न कि भारतीय रिज़र्व बैंक के व्यापक RTGS ढाँचे में विफलता की घोषणा की। ग्राहक खातों के बारे में उसका आश्वासन यह नहीं दर्शाता कि सेवा उपलब्धता में कोई रुकावट नहीं आई थी।

मदविवरण
RTGS हस्तांतरण की न्यूनतम राशिRBI के सिस्टम नियमों के तहत ₹2 लाख।
RTGS हस्तांतरण की अधिकतम राशिRBI ने कोई ऊपरी सीमा निर्धारित नहीं की है।
सिस्टम की उपलब्धताRTGS हर दिन, 24 घंटे काम करता है।

निपटान खाते से धन हस्तांतरण अलग चिंता का विषय

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने मुंबई पुलिस को बताया था कि 15 अक्टूबर से 17 अक्टूबर, 2026 के बीच कई हस्तांतरणों के ज़रिए RBI के पास उसके निपटान खाते से ₹13.9 करोड़ निकाल लिए गए।

बैंक ने पुलिस को बताया कि उसे नहीं पता कि ये हस्तांतरण कैसे हुए। पुलिस ने कुछ हस्तांतरणों का केवल आंशिक रूप से पता लगाया था। सेवाएँ बहाल होने के बयान से यह स्पष्ट नहीं हुआ कि धनराशि कैसे स्थानांतरित हुई या इन हस्तांतरणों और तकनीकी समस्या के बीच क्या संबंध था।

बताए गए हस्तांतरण बैंक के निपटान खाते से जुड़े थे, जबकि उसका नवीनतम आश्वासन ग्राहक खातों के बारे में था। ये अलग-अलग दावे हैं, और भुगतान सेवाएँ फिर शुरू होने से हस्तांतरण की परिस्थितियाँ अपने आप स्पष्ट नहीं हो जातीं।

RTGS निपटान कैसे काम करता है

RBI की RTGS निपटान संबंधी व्याख्या एक ऐसी प्रणाली का वर्णन करती है जो धन हस्तांतरण को बैचों में नहीं, बल्कि लगातार और व्यक्तिगत रूप से संसाधित करती है। निपटान RBI की पुस्तकों में होता है और निपटाए गए भुगतान अंतिम तथा अपरिवर्तनीय होते हैं।

यह ढाँचा बैंक के निपटान खाते की भूमिका स्पष्ट करता है। यह भुगतान प्रणाली की पृष्ठभूमि बताता है, न कि घटना या सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के सुरक्षा आश्वासनों की पुष्टि करता है।

निष्कर्ष

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की पुष्टि की गई परिचालन संबंधी जानकारी यह है कि RTGS सेवाएँ फिर उपलब्ध हैं। निपटान खाते से धन हस्तांतरण कैसे हुए और क्या धनराशि वापस मिली, इस बारे में आगे स्पष्टीकरण अभी बाकी है।

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