26 अक्टूबर, 2026 को भारतीय शेयर बाजार शुरुआती निचले स्तरों से तेजी से उबरे और निफ्टी में उछाल के साथ चार सत्रों की गिरावट का सिलसिला थम गया। निफ्टी 50 153.20 अंक यानी 0.68% की बढ़त के साथ 22,753.20 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 482.92 अंक यानी 0.66% चढ़कर 73,606.75 पर पहुंचा। यह सुधार मुद्रा बाजार तक नहीं पहुंचा: रुपया लगातार तीसरे सत्र में कमजोर हुआ।

मुख्य बातें

  • निफ्टी इंट्राडे निचले स्तर से करीब 370 अंक उबरकर बढ़त के साथ बंद हुआ।
  • मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि धातु और फार्मा क्षेत्रों में सबसे अधिक तेजी रही।
  • प्रमुख केंद्रीय बैंकों के फैसलों वाले सप्ताह से पहले रुपया प्रति डॉलर 95.19 पर बंद हुआ।

विषय-सूची

निफ्टी में उछाल से शुरुआती गिरावट की भरपाई

निफ्टी 22,387 तक गिरने के बाद उबरकर बढ़त के साथ बंद हुआ। सत्र के दौरान 72,514.57 तक गिरने के बाद सेंसेक्स ने भी शुरुआती गिरावट के बड़े हिस्से की भरपाई की।

खरीदारी का दायरा सबसे बड़ी कंपनियों से आगे तक फैला। निफ्टी मिडकैप 100 में 1.19% की बढ़त हुई और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.38% की तेजी आई। ये बढ़तें पिछले सप्ताह की तेज गिरावट के बाद आंशिक सुधार थीं, न कि नुकसान की पूरी भरपाई।

एचएसटी वेल्थ के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी हरिसेलवन राधाकृष्णन ने हाल के समर्थन स्तरों के आसपास खरीदारी, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और स्वास्थ्य सेवा तथा चुनिंदा दिग्गज शेयरों की मजबूती को इस उछाल का कारण बताया।

मदविवरण
डॉ. रेड्डीज़ लेबोरेटरीज़₹1,316.60 पर बंद, 7.08% ऊपर।
जेएसडब्ल्यू स्टील₹1,236.10 पर बंद, 4.27% ऊपर।
श्रीराम फाइनेंस₹826.35 पर बंद, 4.47% नीचे।
टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स₹928.85 पर बंद, 3.64% नीचे।

धातु और फार्मा शेयरों में सबसे अधिक तेजी

निफ्टी मेटल सूचकांक में 2.2% की बढ़त हुई, जबकि निफ्टी फार्मा 1.8% चढ़ा। स्वास्थ्य सेवा, तेल एवं गैस और पूंजीगत वस्तुओं में भी तेजी आई। मीडिया और टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुएं ही ऐसे क्षेत्र रहे जो गिरावट के साथ बंद हुए।

भारत की मसौदा राष्ट्रीय इस्पात नीति विज़न 2047की पृष्ठभूमि में इस्पात कंपनियों के शेयरों में तेजी आई। इस प्रस्ताव पर इस्पात मंत्रालय ने 30 अक्टूबर, 2026 तक टिप्पणियां आमंत्रित की हैं। नीति अभी मसौदा चरण में है, और केवल इसके प्रकाशन से यह साबित नहीं होता कि उस दिन शेयरों की कीमतों में तेजी क्यों आई।

डॉ. रेड्डीज़ लेबोरेटरीज़ निफ्टी 50 में सबसे अधिक बढ़त वाले शेयरों में सबसे आगे रहा, उसके बाद जेएसडब्ल्यू स्टील का स्थान था। श्रीराम फाइनेंस और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स में सबसे अधिक गिरावट आई।

शेयरों में तेजी के विपरीत रुपये में कमजोरी

रुपया 25 पैसे गिरकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.19 पर बंद हुआ। लगातार तीसरी गिरावट शेयर बाजार में सुधार के विपरीत रही। एशिया की अन्य मुद्राओं में कमजोरी और घरेलू बॉन्ड प्रतिफल में बढ़ोतरी से रुपये पर दबाव पड़ा।

ब्रेंट कच्चा तेल शुक्रवार के 116.72 डॉलर के स्तर से घटकर करीब 115 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, लेकिन पश्चिम एशिया से आपूर्ति को लेकर चिंताओं के बीच ऊंचे स्तर पर बना रहा। रेलिगेयर ब्रोकिंग में शोध के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजीत मिश्रा ने कहा कि सऊदी अरब के बुनियादी ढांचे पर हमलों से ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।

अगली निर्धारित कॉरपोरेट अपडेट में मंगलवार, 27 अक्टूबर को टाटा स्टील, वारी एनर्जीज़ और यूनाइटेड ब्रुअरीज़ के नतीजे शामिल हैं। इसके बाद 28 अक्टूबर को अमेरिकी फेडरल रिजर्व, 29 अक्टूबर को यूरोपीय केंद्रीय बैंक और 30 अक्टूबर को बैंक ऑफ जापान के नीतिगत फैसले आएंगे।

निष्कर्ष

निफ्टी में उछाल ने चार सत्रों की गिरावट के बाद बाजार को बढ़त के साथ बंद कराया, लेकिन रुपया कमजोर होता रहा। सप्ताह के आखिर में तीन प्रमुख केंद्रीय बैंकों के फैसलों से पहले मंगलवार के कॉरपोरेट नतीजे अगली निर्धारित परीक्षा होंगे।

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