AU Small Finance Bank ने सितंबर 2026 तिमाही के लिए 858 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जो एक साल पहले के 561 करोड़ रुपये से 53% अधिक है। कारोबार के विस्तार, शुद्ध ब्याज मार्जिन में बढ़ोतरी और प्रावधानों में कमी ने आय में वृद्धि को सहारा दिया, जबकि ऋणदाता सार्वभौमिक बैंक बनने की दिशा में अपना बदलाव जारी रखे हुए है।
मुख्य बातें
- दूसरी तिमाही में शुद्ध मुनाफे की वृद्धि ऋण और जमा—दोनों की वृद्धि से तेज रही।
- सकल और शुद्ध खराब ऋण अनुपात में सुधार के साथ प्रावधान 25% घटे।
- जमा में सालाना आधार पर 29% की वृद्धि हुई, जो ऋण वृद्धि के 25% से अधिक थी।
विषय-सूची
- AU Small Finance Bank की आय दो मोर्चों पर मजबूत
- बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता के साथ प्रावधानों में कमी
- जमा वृद्धि ऋण विस्तार से अधिक
- निष्कर्ष
AU Small Finance Bank की आय दो मोर्चों पर मजबूत
वित्त वर्ष 2026–27 की दूसरी तिमाही के नतीजों में अंतर्निहित ब्याज आय मजबूत रही और साथ ही प्रावधानों का बोझ कम हुआ। सितंबर 2025 तिमाही की तुलना में शुद्ध मुनाफा 297 करोड़ रुपये बढ़ा।
शुद्ध ब्याज आय—अर्जित ब्याज और चुकाए गए ब्याज के बीच का अंतर—में 32% की वृद्धि हुई। बैंक ने शुद्ध ब्याज मार्जिन भी बढ़ाया, जो दर्शाता है कि सुधार केवल ऋण कारोबार के आकार में बढ़ोतरी तक सीमित नहीं था।
बैंक के तिमाही वित्तीय रिपोर्ट संग्रह में वित्त वर्ष के अनुसार वित्तीय नतीजों, आय संबंधी घोषणाओं और निवेशक प्रस्तुतियों तक पहुंच उपलब्ध है। संग्रह में वित्त वर्ष 2026–27 सूचीबद्ध है, हालांकि उपलब्ध पृष्ठ पर तिमाही के अंतर्निहित वित्तीय आंकड़े प्रदर्शित नहीं होते।
| मद | विवरण |
|---|---|
| रिपोर्टिंग अवधि | वित्त वर्ष 2026–27 की दूसरी तिमाही, सितंबर 2026 में समाप्त। |
| शुद्ध ब्याज आय | 2,820 करोड़ रुपये, जबकि एक साल पहले यह 2,144 करोड़ रुपये थी। |
| शुद्ध ब्याज मार्जिन | 5.8%, जबकि एक साल पहले यह 5.5% था। |
| प्रावधान-पूर्व परिचालन लाभ | 1,514 करोड़ रुपये, जबकि एक साल पहले यह 1,210 करोड़ रुपये था। |
बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता के साथ प्रावधानों में कमी
प्रावधान एक साल पहले के 481 करोड़ रुपये से घटकर 359 करोड़ रुपये रह गए। इस कम बोझ ने शुद्ध ब्याज आय में वृद्धि की तुलना में मुनाफे की वृद्धि को तेज करने में मदद की।
सितंबर के अंत में सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति अनुपात 42 आधार अंक घटकर 1.99% रहा, जबकि शुद्ध गैर-निष्पादित परिसंपत्ति अनुपात सात आधार अंक सुधरकर 0.81% हो गया। एक आधार अंक प्रतिशत अंक का सौवां हिस्सा होता है।
वार्षिकीकृत ऋण लागत 0.8% रही, जबकि एक साल पहले यह 1.2% थी। खराब ऋण अनुपात में कमी और प्रावधानों में कटौती से पता चलता है कि बैलेंस शीट का विस्तार परिसंपत्ति गुणवत्ता के मापदंडों में सुधार के साथ हुआ।
जमा वृद्धि ऋण विस्तार से अधिक
सकल ऋण पोर्टफोलियो सालाना आधार पर 25% बढ़कर 1.54 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि कुल जमा 29% बढ़कर 1.70 लाख करोड़ रुपये हो गई। इस तरह जमा में वृद्धि ऋण विस्तार से तेज रही और जमा सकल ऋण बही से अधिक बनी रही।
1996 में वाहन वित्तपोषक के रूप में स्थापित AU अब भारत का सबसे बड़ा लघु वित्त बैंक है। सार्वभौमिक ऋणदाता में इसका रूपांतरण अभी जारी है, यह बदलाव पूरा नहीं हुआ है।
निष्कर्ष
AU Small Finance Bank के सितंबर तिमाही के मुनाफे में सुधार के पीछे ब्याज आय में मजबूती और प्रावधानों में कमी—दोनों का योगदान रहा। सार्वभौमिक ऋणदाता बनने की जारी प्रक्रिया अगला कॉरपोरेट पड़ाव है जिस पर नजर रखनी होगी; उपलब्ध जानकारी में इसके पूरा होने की कोई तारीख नहीं दी गई है।
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अस्वीकरण
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