30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही में कोटक महिंद्रा बैंक और IDFC FIRST बैंक की आय बढ़ी। अधिक आय ने मुनाफे को सहारा दिया, हालांकि शुद्ध ब्याज मार्जिन संकुचित हुए। कोटक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 29.5% बढ़कर ₹4,212 करोड़ हो गया, जबकि IDFC FIRST का एकल मुनाफा लगभग तीन गुना बढ़कर ₹1,044.6 करोड़ पहुंच गया।
मुख्य बातें
- कोटक की अन्य आय शुद्ध ब्याज आय से तेज़ी से बढ़ी, जिससे मुनाफे में वृद्धि को समर्थन मिला।
- IDFC FIRST का मुनाफा सालाना आधार पर तेज़ी से बढ़ा, लेकिन पिछली तिमाही की तुलना में 3% घटा।
- दोनों ऋणदाताओं ने शुद्ध ब्याज मार्जिन में कमी दर्ज करते हुए पर्याप्त विदेशी-मुद्रा जमा जुटाईं।
विषय-सूची
- बैंक की आय ब्याज आय से तेज़ी से बढ़ी
- विदेशी-मुद्रा जमा के साथ मार्जिन संकुचित
- IDFC FIRST का मुनाफा सालाना बढ़ा, लेकिन क्रमिक आधार पर घटा
- निष्कर्ष
बैंक की आय ब्याज आय से तेज़ी से बढ़ी
कोटक महिंद्रा बैंक का सितंबर तिमाही का मुनाफा एक साल पहले के ₹3,253 करोड़ से बढ़ा। अन्य आय 23.4% बढ़कर ₹3,194 करोड़ हुई, जबकि शुद्ध ब्याज आय 15.7% बढ़कर ₹8,459 करोड़ पहुंची।
शुद्ध ब्याज आय का अर्थ है अर्जित ब्याज में से चुकाए गए ब्याज को घटाना। मार्जिन घटने के साथ इसमें वृद्धि दिखाती है कि कारोबार का आकार बढ़ने पर ब्याज आय भी बढ़ सकती है, भले ही उस कारोबार पर मार्जिन संकुचित हो।
कोटक का मुनाफा पिछली तिमाही के ₹4,123 करोड़ से 2.16% भी बढ़ा। समूह के मुख्य वित्तीय अधिकारी देवांग घेवाल्ला ने मात्रा-आधारित वृद्धि, गैर-ब्याज आय में बढ़ोतरी, लागत अनुशासन बनाए रखने और परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार को बैंक के मुख्य प्रदर्शन की मजबूती बताया।
| मद | विवरण |
|---|---|
| कोटक के अग्रिम | ₹5.8 लाख करोड़; सालाना आधार पर 25% अधिक। |
| कोटक की जमा | ₹6.5 लाख करोड़; सालाना आधार पर 23.2% अधिक। |
| कोटक की क्रमिक शुद्ध ब्याज आय | पिछली तिमाही के ₹7,928.4 करोड़ से 6.7% अधिक। |
विदेशी-मुद्रा जमा के साथ मार्जिन संकुचित
कोटक का शुद्ध ब्याज मार्जिन घटकर 4.1% रहा, जो एक साल पहले के 4.54% से 44 आधार अंक और पिछली तिमाही के 4.53% से 43 आधार अंक कम है। बैंक ने FCNR(B) जमा के रूप में ₹55,344 करोड़ जुटाए और गिफ्ट सिटी परिचालन के माध्यम से इन जमाओं के बदले ₹16,111 करोड़ के ऋण दिए।
कोटक की विदेशी-मुद्रा जमा की विशेषताएं इस वित्तपोषण उत्पाद की जानकारी देती हैं: FCNR जमा अमेरिकी डॉलर, यूरो, ब्रिटिश पाउंड, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और सिंगापुर डॉलर में उपलब्ध सावधि जमा हैं, जिनमें मूलधन और ब्याज दोनों को स्वतंत्र रूप से स्वदेश भेजा जा सकता है।
NRI से आई राशि को छोड़कर, कोटक के अग्रिम सालाना आधार पर 19% बढ़े और जमा 23% बढ़ीं। यह अंतर अंतर्निहित ऋण विस्तार को विदेशी-मुद्रा प्रवाह शामिल होने से हुई वृद्धि से अलग समझने में मदद करता है।
IDFC FIRST का मुनाफा सालाना बढ़ा, लेकिन क्रमिक आधार पर घटा
IDFC FIRST बैंक का एकल शुद्ध मुनाफा सितंबर 2025 तिमाही के ₹352.3 करोड़ से बढ़ा। इसे शुद्ध ब्याज आय और शुल्क आय में वृद्धि से समर्थन मिला। शुद्ध ब्याज आय 21% बढ़कर ₹6,184 करोड़ हुई, जो पहले ₹5,113 करोड़ थी।
सालाना सुधार के विपरीत, पिछली तिमाही के ₹1,075 करोड़ से मुनाफा क्रमिक आधार पर 3% घटा। इसका शुद्ध ब्याज मार्जिन 32 आधार अंक घटकर 5.58% रहा, जो पहले 5.90% था। तिमाही के दौरान जुटाई गई FCNR(B) जमा कुल ₹34,390 करोड़ रहीं।
AU स्मॉल फाइनेंस बैंक ने भी सितंबर तिमाही में बेहतर आय दर्ज की। उसका मुनाफा 53% बढ़कर ₹858 करोड़ हुआ और शुद्ध ब्याज आय सालाना आधार पर 32% बढ़ी।
निष्कर्ष
सितंबर 2026 के नतीजे दिखाते हैं कि कोटक और IDFC FIRST में सालाना मुनाफा बढ़ा, लेकिन मार्जिन में तदनुरूप सुधार नहीं हुआ। उनकी अगली तिमाही की घोषणाएं यह परखने का अगला अवसर देंगी कि ऋण और शुल्क आय में वृद्धि संकुचित ब्याज मार्जिन की भरपाई जारी रखती है या नहीं।
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