जुलाई–सितंबर 2026 तिमाही में कई प्रमुख भारतीय कंपनियों का ब्रोकरेज मुनाफा बढ़ा, जबकि इक्विटी बाजार की गतिविधि धीमी रही। मार्जिन फंडिंग और अन्य व्यवसायों ने आय को सहारा दिया। Groww, Angel One और HDFC Securities ने साल-दर-साल मुनाफे में मजबूत वृद्धि दर्ज की, हालांकि 5paisa Capital और Geojit Financial Services में गिरावट से पता चला कि यह सुधार पूरे उद्योग में समान रूप से नहीं हुआ।
मुख्य बातें
- पिछली तिमाही की तुलना में नकद बाजार का कारोबार घटा, जबकि कई ब्रोकरों का सालाना मुनाफा बढ़ा।
- प्रमुख कंपनियों के राजस्व में ब्रोकिंग और डेरिवेटिव का हिस्सा घटा, जबकि मार्जिन फंडिंग का विस्तार हुआ।
- 5paisa Capital और Geojit ने परिचालन राजस्व बढ़ने के बावजूद कम मुनाफा दर्ज किया।
विषय-सूची
- ब्रोकरेज मुनाफे और कारोबार गतिविधि में अलग-अलग रुझान
- मार्जिन फंडिंग से आय का एक और स्रोत
- Groww और Angel One ने राजस्व मिश्रण में बदलाव किया
- तिमाही नतीजे उद्योग की असमान तस्वीर दिखाते हैं
- निष्कर्ष
ब्रोकरेज मुनाफे और कारोबार गतिविधि में अलग-अलग रुझान
जुलाई–सितंबर में NSE और BSE पर इक्विटी नकद बाजार का संयुक्त औसत दैनिक कारोबार पिछली तिमाही से 11.7% घटकर ₹1.29 लाख करोड़ रहा। वैश्विक बॉन्ड प्रतिफल में वृद्धि, विदेशी निवेशकों की निकासी, तेल की बढ़ती कीमतें और नियामकीय बदलाव कमजोर गतिविधि की पृष्ठभूमि बने।
अगस्त में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) की शुरुआत भी डेरिवेटिव कारोबार में गिरावट के साथ हुई। तुलना की अवधि महत्वपूर्ण है: कारोबार गतिविधि तिमाही-दर-तिमाही कमजोर हुई, जबकि रिपोर्ट की गई मुनाफा-वृद्धि दरों की तुलना एक साल पहले की इसी तिमाही से की गई है।
| मद | विवरण |
|---|---|
| Groww की मूल कंपनी | समेकित PAT ₹725.65 करोड़, 54% वृद्धि; परिचालन राजस्व ₹1,501.53 करोड़, 47.4% वृद्धि। |
| Angel One | समेकित PAT ₹335 करोड़, 58.2% वृद्धि; सकल राजस्व ₹1,427 करोड़, 18.9% वृद्धि। |
| HDFC Securities | PAT ₹264.66 करोड़, 26.3% वृद्धि; परिचालन राजस्व ₹964.61 करोड़, 37.6% वृद्धि। |
| Anand Rathi Share and Stock Brokers | PAT ₹41.94 करोड़, 50.3% वृद्धि; परिचालन राजस्व ₹273.21 करोड़, 20.3% वृद्धि। |
| 5paisa Capital | PAT ₹7.06 करोड़, 25.5% गिरावट; परिचालन राजस्व ₹86.46 करोड़, 11.8% वृद्धि। |
| Geojit Financial Services | समेकित PAT ₹16.54 करोड़, लगभग 26% गिरावट; परिचालन राजस्व ₹165.82 करोड़, 2.6% वृद्धि। |
मार्जिन फंडिंग से आय का एक और स्रोत
Groww ने अपने मार्जिन ट्रेडिंग सुविधा और वेल्थ व्यवसायों में वृद्धि दर्ज की। Groww की मार्जिन ट्रेडिंग सुविधा की व्याख्या बताती है कि ग्राहक शेयर खरीद की कुछ रकम अग्रिम चुकाते हैं, जबकि ब्रोकर शेष रकम उधार देता है और वित्तपोषित राशि पर ब्याज लेता है। यह उत्पाद की आय का स्रोत समझाता है, न कि इसकी तिमाही वृद्धि को प्रमाणित करता है।
Angel One की औसत ग्राहक फंडिंग बुक साल-दर-साल 40.5% बढ़कर ₹7,450 करोड़ हो गई। Anand Rathi Share and Stock Brokers ने अपनी मार्जिन ट्रेडिंग सुविधा से ब्याज आय में 36% वृद्धि दर्ज की, जो ₹49.6 करोड़ रही।
इन व्यवसायों ने लेन-देन आधारित ब्रोकिंग से आगे बढ़कर आय को सहारा दिया। हालांकि, ग्राहकों के लिए वित्तपोषित खरीद में उधारी की लागत और लीवरेज शामिल होते हैं, जो लाभ के साथ-साथ नुकसान को भी बढ़ा सकते हैं।
Groww और Angel One ने राजस्व मिश्रण में बदलाव किया
Groww की मूल कंपनी Billionbrains Garage Ventures में इक्विटी डेरिवेटिव का राजस्व में योगदान 45% रहा, जो एक साल पहले 57% था। Groww ने इस कम हिस्सेदारी का कारण CAS के अनुरूप बाजार में हुए बदलावों को बताया और कहा कि SEBI के समीक्षा किए गए उपाय लागू होने के बाद उसे सुधार की उम्मीद है। यह कंपनी की अपेक्षा है, अभी तक पूरा हो चुका सुधार नहीं।
Angel One की सकल ब्रोकिंग आय राजस्व का लगभग 55% रही, जबकि एक साल पहले यह करीब 60% थी। प्रोसेस किए गए ऑर्डर पिछली तिमाही के 406 मिलियन से घटकर 366 मिलियन रह गए।
Angel One ने अपने तेज मुनाफा-वृद्धि का श्रेय परिचालन लीवरेज और बढ़ते आय-आधार को दिया। इसके नतीजे दिखाते हैं कि ऑर्डर की मात्रा घटने पर भी लाभप्रदता में सुधार हो सकता है।
तिमाही नतीजे उद्योग की असमान तस्वीर दिखाते हैं
सितंबर तिमाही के नीचे दिए गए आंकड़े कंपनियों के बीच बड़े अंतर दिखाते हैं। Angel One को छोड़कर, जिसने सकल राजस्व की रिपोर्ट दी, राजस्व के आंकड़े परिचालन से प्राप्त राजस्व हैं; वृद्धि दरें साल-दर-साल हैं।
Groww और Angel One के साथ HDFC Securities और Anand Rathi ने भी अधिक मुनाफा दर्ज किया। इसके विपरीत, 5paisa और Geojit में राजस्व बढ़ने से शुद्ध लाभ में वृद्धि नहीं हुई। Kotak Securities ने ₹348 करोड़ का मुनाफा बताया; उपलब्ध आंकड़ों में तुलनात्मक वृद्धि दर नहीं दी गई।
निष्कर्ष
सितंबर के नतीजे दिखाते हैं कि मजबूत फंडिंग और अन्य व्यवसाय कमजोर कारोबार गतिविधि के असर को कम कर सकते हैं, लेकिन सभी ब्रोकरों में ऐसा समान रूप से नहीं हुआ। Groww ने डेरिवेटिव गतिविधि के लिए SEBI के समीक्षा किए गए उपायों को संभावित अगला सहारा बताया है; इसकी अपेक्षित रिकवरी अभी साबित नहीं हुई है।
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