वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में भारतीय आईटी बुकिंग पर्याप्त बनी रही, लेकिन नए अनुबंधों को राजस्व में तब्दील होने में समय लग रहा है। 25 अक्टूबर, 2026 तक उपलब्ध नतीजों में HCLTech और Infosys के सौदों का मूल्य अधिक रहा, जबकि TCS की ऑर्डर बुक मोटे तौर पर स्थिर रही। वहीं, Wipro और Tech Mahindra ने क्रमिक गिरावट दर्ज की। कार्यान्वयन के लंबे चक्र और लागत बचत पर ग्राहकों के जोर से तत्काल राजस्व लाभ सीमित हो रहा है।

मुख्य बातें

  • पांच प्रमुख कंपनियों में सौदों की गति अलग-अलग रही; सभी में एकसमान सुधार नहीं हुआ।
  • लंबी अवधि के, नतीजों पर आधारित अनुबंधों में राजस्व की पहचान कई वर्षों में हो सकती है।
  • Wipro को Q3 में अनुबंधों पर हस्ताक्षर में देरी की आशंका है, लेकिन राजस्व संबंधी उसका मार्गदर्शन सतर्क बना हुआ है।

विषय-सूची

भारतीय आईटी बुकिंग में तिमाही के दौरान असमान रुझान

HCLTech, TCS और Infosys—तीनों ने पिछली तिमाही की तुलना में अधिक अनुबंध मूल्य दर्ज किया। Infosys के बड़े सौदों के कुल मूल्य में $2 billion से अधिक का एक अनुबंध शामिल था, और उसके $5.2 billion के बड़े सौदों में से 62% शुद्ध नया कारोबार था।

Wipro का रुझान इसके विपरीत रहा: स्थिर-मुद्रा आधार पर उसकी कुल बुकिंग और बड़े सौदों की बुकिंग, दोनों में तेज गिरावट आई। Tech Mahindra का तिमाही अनुबंध मूल्य भी घटा, हालांकि पिछले 12 महीनों में उसके सौदों का मूल्य साल-दर-साल 34.8% बढ़कर $4.27 billion हो गया।

इन मापों का दायरा अलग-अलग है: Infosys बड़े सौदों की जीत का मूल्य बताती है, HCLTech नए सौदों का अनुबंध मूल्य बताती है और Wipro कुल बुकिंग के साथ-साथ बड़े सौदों की बुकिंग भी बताती है। इन्हें नई मांग के समान माप के रूप में नहीं देखना चाहिए।

मदविवरण
HCLTechQ2 FY27 में नए सौदों का TCV: $3.25 billion, जबकि Q1 में यह $2.4 billion था।
TCSQ2 में ऑर्डर बुक का TCV: $9.6 billion, जबकि पिछली तिमाही में यह $9.5 billion था।
InfosysQ2 में बड़े सौदों का TCV: $5.2 billion, जबकि पिछली तिमाही में यह $3.6 billion था।
WiproQ2 में कुल बुकिंग: $2.595 billion, स्थिर-मुद्रा आधार पर क्रमिक रूप से 22.9% कम; बड़े सौदों की बुकिंग: $674 million, 58.6% कम।
Tech MahindraQ2 में TCV: $1.023 billion, जबकि Q1 में यह $1.078 billion था।

अनुबंध जीतने से तुरंत राजस्व क्यों नहीं मिलता

बुकिंग से अनुबंधित काम का पता चलता है, न कि तिमाही के दौरान अर्जित राजस्व का। Wipro की बुकिंग संबंधी परिभाषा के अनुसार, उसके कुल आंकड़े में नए ऑर्डर, नवीनीकरण और मौजूदा अनुबंधों में बढ़ोतरी शामिल हैं; राजस्व अनुबंधों की अवधि के दौरान अर्जित होता है। इसलिए कोई बड़ा अनुबंध भविष्य के कारोबार को मजबूत कर सकता है, लेकिन उससे निकट अवधि में उतनी ही राजस्व वृद्धि होना जरूरी नहीं है।

Gartner के वरिष्ठ प्रधान विश्लेषक Biswajit Maity ने कहा कि कई बड़े कार्यक्रम अभी भी कार्यान्वयन के शुरुआती चरणों में हैं। मांग का केंद्र लागत अनुकूलन, आधुनिकीकरण, प्रबंधित सेवाओं और AI-आधारित रूपांतरण पर बना हुआ है, लेकिन इन सेवाओं के वाणिज्यिक ढांचे में बदलाव आ रहा है।

Maity ने कहा कि उद्यम पारंपरिक श्रम-आधारित समझौतों की बजाय नतीजों पर आधारित और AI-सक्षम अनुबंध तेजी से चुन रहे हैं। इसलिए राजस्व कारोबार के नतीजों, प्लेटफॉर्म को अपनाने या AI के उपयोग पर निर्भर हो सकता है, जिससे किसी सौदे से लाभ मिलने की अवधि बढ़ जाती है।

Neovay Global के CEO और प्रबंध निदेशक Praveen Bhadada ने भी बुकिंग को राजस्व में बदलने की चुनौती पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अब बड़े सौदे अक्सर पांच से दस साल तक चलते हैं, विक्रेताओं के एकीकरण और लागत में कटौती पर केंद्रित होते हैं, और AI से मिली उत्पादकता बचत ग्राहकों को वापस देते हैं।

प्रबंधन का भरोसा और निकट अवधि का सतर्क परिदृश्य

TCS के CEO और प्रबंध निदेशक K Krithivasan ने कहा कि कंपनी के सौदों का मूल्य, पाइपलाइन और ग्राहकों के साथ बातचीत मध्यम अवधि में वृद्धि की गति बनाए रखने के भरोसे का आधार हैं। यह आकलन भविष्य के प्रदर्शन से जुड़ा है, पहले ही दर्ज किए जा चुके राजस्व से नहीं।

Wipro के CEO और प्रबंध निदेशक Srini Pallia ने कहा कि Q2 समाप्त होने से पहले दो अनुबंधों पर हस्ताक्षर नहीं हो सके और उन्हें मौजूदा तिमाही तक टाल दिया गया। उन्हें उम्मीद थी कि दोनों पर हस्ताक्षर हो जाएंगे और Q3 की व्यापक पाइपलाइन से Q4 में राजस्व बढ़ सकता है। ये हस्ताक्षर और लाभ अभी प्रबंधन की अपेक्षाएं हैं, पूरे हो चुके नतीजे नहीं।

31 दिसंबर, 2026 को समाप्त होने वाली तिमाही के लिए Wipro के घोषित परिदृश्य में आईटी सेवा राजस्व $2.571 billion से $2.625 billion के बीच रहने का अनुमान है। स्थिर-मुद्रा आधार पर यह क्रमिक रूप से 1.5% की गिरावट से लेकर 0.5% की वृद्धि के बराबर है। सितंबर तिमाही में उसका आईटी सेवा राजस्व इसी आधार पर क्रमिक रूप से स्थिर रहा, जो सौदों की पाइपलाइन और तत्काल वृद्धि के बीच के अंतर को दिखाता है।

निष्कर्ष

नजर रखने लायक अगली रिपोर्टिंग अवधि 31 दिसंबर, 2026 को समाप्त होने वाली तिमाही है। Wipro के नतीजों से पता चलेगा कि राजस्व उसके घोषित दायरे की तुलना में कैसा रहा, जबकि विलंबित हस्ताक्षरों पर किसी भी अपडेट से पाइपलाइन को लेकर भरोसे और पूरे हो चुके कारोबार के बीच अंतर समझने में मदद मिलेगी।

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